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घर पर बीमार पुत्र शकील के साथ माता पिता ।

किच्छा : 90 हजार भुगतान के बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने नहीं किया उपचार

किच्छा । नगर में अवैध रुप से चल रहे अस्पताल जनता के लिये परेशानी का सबब बने हुये हैं। चिकित्सा विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के चलते मानकों को दरकिनार कर चल रहे निजी अस्पताल मरीजों के जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं। ऐसा ही एक मामला निकटवर्ती ग्राम सिरौली कला में चल रहे निजी चिकित्सालय का सामने आया है। इस मामले में पीडि़ता ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र भेजकर अस्पताल के चिकित्सकों पर कार्रवाई किये जाने की गुहार लगायी है। एसएसपी को भेजे शिकायती पत्र में नूरी मस्जिद वार्ड-छह निवासी जायरा बेगम पत्नी मुन्ने ने कहा कि उसका पुत्र मो.शकील पित्त में पथरी होने की शिकायत के चलते करीब तीन माह से बीमार चल रहा था। बीती दो मई को शकील को ग्राम सिरौली स्थित लाइफ लाइन अस्पताल में भर्ती कराया गया। महिला के अनुसार अस्पताल के चिकित्सकों ने शकील का आपरेशन किया और सात मई को डिस्चार्ज कर दिया। घर पहुंचने के बाद शकील का पेट फूलने लगा और तबियत खराब होने पर उसे पुन: अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में तीन दिन तक उपचार करने के बाद चिकित्सकों ने पुन: डिस्चार्ज कर दिया। इसके बाद भी शकील की हालत बिगड़ती गयी और पुन: भर्ती कराने तथा कई दिन उपचार के बाद बीती जुलाई की रात करीब 10 बजे अस्पताल स्टॉफ ने बीमार शकील को अस्पताल से बाहर कर दिया। महिला के अनुसार अस्पताल प्रबंधन को करीब 90 हजार रुपये का भुगतान किया गया। पीडि़ता ने अस्पताल के चिकित्सकों पर मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड किये जाने तथा मरीजों को गुमराह कर पैसे ऐंठने का आरोप लगाते हुये एसएसपी से कड़ी कार्यवाही किये जाने की गुहार लगायी है। वहीं दूसरी ओर नगर में अवैध रुप से संचालित निजी चिकित्सालय मरीजों के लिये जी का जंजाल बने हुये हैं जिससे चिकित्सा विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली भी संदिग्ध प्रतीत हो रही है ।

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