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स्वच्छता के बाद अब कृर्षि के क्षेत्र में आगे बढ रहा ये गांव

डोईवाला/ब्यूरो। देश भर के किसान कृषि पर बढ़ते सकंट पर चर्चा को लेकर संसद का 21 दिन का विशेष सत्र बुलाने की मांग कर रहे हैं। इसी को लेकर देश भर के किसानों ने हफ्ता भर पहले रामलीला मैदान से संसद की तरफ मार्च किया था।

लगभग पूरे देश के किसानों की मांग है कि किसानों का कर्ज मांग किया जाए। वहीं बीज, खादों और कीटनाशकों पर भी विशेष छूट दी जाए। ताकि किसान अपनी आजीविका ठीक से चला पाए। ये सच्चाई है कि वर्तमान में ज्यादातर किसानों का खेती से मोह भंग हो रहा है। और किसान व उनके परिवार अपनी आजीविका का दूसरा साधन ढूंढने पर मजबूर हैं। लेकिन देहरादून में एक गांव ऐसा भी है। जहां के लोगों ने खेती-किसानी को अपनी रोजी-रोटी का जरिया बनाने का निर्णय लिया है। देहरादून की पहाड़ी थानों न्याय पंचायत में पाववाला सौडा के लोगों ने खेती को आजीविका का जरिया बनाने का निर्णय लिया है। इसमें इस ग्राम सभा के ग्राम प्रधान विजय पंवार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। कृषि के क्षेत्र में आधुनिक तकनीकी को अपनाने की दिशा मे आगे बढते हुए पाववाला सौडा स्मार्ट विलेज की राह पर भी आगे बढ रहा है। बता दें कि इस ग्राम सभा को स्वच्छता के क्षेत्र में कई राष्ट्रीय स्तर के पुरूस्कार मिल चुके हैं।

पाववाला सौडा पब्लिक लर्निंग सेंटर के रूप मे आगे आया है। इस वर्ष कृषि विभाग के सहयोग से गेहूं का HD 2967 किस्म के उन्नत बीज को बुआई मशीन द्वारा की गई है। जिससे बीज की मात्रा कम लगने के साथ ही लाईन से लाईन मे बुवाई की गई है।  ग्राम प्रधान कहा कि किसानों के द्वारा तकनीक को अपनाने के साथ ही जैविक कीटनाशक दवाओं के छिडकाव को मशीनों से किया जायेगा। साथ ही पहली बार फसल का बीमा भी कराया गया है। जिससे सभी किसान उत्साहित हैं।

गांव के किसान पदम सिंह ने बताया कि गांव तकनीकी को अपनाते हुए पब्लिक लर्निंग सेंटर के रूप में आगे बढ रहा है। और आने वाले समय मे पाववाला सौडा तकनीकी को अपनाने वाला पहला स्मार्ट गांव बनेगा। गाँव की ही महिला किसान सुशीला देवी ने बताया कि गांव मे पहली बार तकनीकी रूप से बुआई हुई है। जिससे महिलाओं का कार्य का बोझ भी कम हो रहा है। कृषि विभाग के न्याय पंचायत प्रभारी बाबू राम यादव ने बताया कि पाववाला सौडा पहला गांव है। जिसमें आधुनिक तकनीकी को अपनाकर खेती की जा रही है। जिससे कृषि उत्पान में 20 से 30 प्रतिशत की बढोतरी होगी। कहा कि पाववाला सौडा के किसानों को परम्परागत कृषि विकास योजना में शामिल किया गया है। जिससे पूरी पंचायत मे जैविक खेती को बढावा देने का कार्य किया जायेगा। जिसमे तैयार फसल का सैम्पल प्रयोगशाला मे परीक्षण के बाद कृषक को जैविक प्रमाण पत्र भी दिया जायेगा। जिससे किसान अपनी फसल का उचित मूल्य भी प्राप्त कर अपनी आय को बढाने मे सफल होंगे ।

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