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फिर होंगे पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव,केंद्र सरकार ने मानी बसपा सुप्रीमो मायावती की मांग

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने बसपा सुप्रीमो मायावती की मांग को मान लिया। पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव फिर से कराए जाएंगे। इन चुनावों के लिए बैलेट पेपर का इस्तेमाल किया जाएगा। इतना ही नहीं बसपा का एक आब्जर्बर भी हर विधानसभा सीट पर तैनात रहेगा। केंद्र सरकार के इस फैसले पर रंगों से सराबोर मायावती ने खुशी जताई है।
पांच राज्यों के चुनावों में भाजपा को जबर्दस्त सफलता मिली थी। जबकि बसपा को कुल मिलाकर बीस सीटें भी नहीं मिली थी। इससे नाराज बसपा सुप्रीमों मायावती ने शनिवार को प्रेस कांफ्रेंस कर केंद्र सरकार पर ईवीएम के जरिए बेईमानी करने का आरोप लगाते हुए चुनौती दी थी कि केंद्र सरकार बैलेट के जरिए फिर से चुनाव कराए। मायावती के इस बयान की जमकर खिल्ली उड़ाई गई थी। इसके चलते मायावती ने 1995 में अपने भाई बने वयोवृद्ध भाजपा नेता लालजी टंडन से सहयोग मांगा। टंडन भी अपनी बहन के सहयोग के लिए एकाएक सक्रिय हो गए। उन्होंने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संपर्क साधा और फिर से चुनाव कराने की मांग की। पहले तो मोदी ने टंडन को डांट लगा दी। बताया जाता है कि टंडन ने हठ पकड़ लिया कि चुनाव दोबारा होंगे। उन्होंने मोदी को 2014 में अपनी कुर्बानी याद दिलाई। जिसमें उन्होंने लखनऊ सीट राजनाथ सिंह के लिए छोड़ दी थी। टंडन ने राजनाथ को भी फोन कर अपनी बहन की मंशा से अवगत करा दिया। अगले चुनाव में अपनी स्थिति को पुख्ता करने के लिए राजनाथ ने भी मोदी पर दोबारा चुनाव के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया। मोदी ने राजनाथ से ऐसी जिद न करने को कहा तो राजनाथ ने कहा कि उन्होंने मोदी को लालकृष्ण आडवाणी के विरोध के बाद भी प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया था। इस पूरे बवंडर के बाद देर रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी कैबिनेट की बैठक बुलाई। बैठक में मोदी ने इस एक सूत्रीय प्रस्ताव को अपने सहयोगियों के साथ शेयर किया। इस पर पहले तो मंत्रियों ने सोचा कि जीत की खुशी और होली के त्योहार पर पीएम ने भांग का नशा कर लिया। इससे वे ऐसी बात कर रहे हैं लेकिन पीएम ने जब अपनी तानाशाही छवि के अनुरूप सख्ती से बात की तो कैबिनेट मीटिंग में सन्नाटा छा गया। राजनाथ ने मोदी के एक लाइन संबंधी प्रस्ताव का अनुमोदन कर दिया। आनन-फानन में दोबारा चुनाव कराने संबंधी प्रस्ताव पास कराकर राष्टï्रपति के पास भेज दिया। राष्टï्रपति ने भी इसे बिना कोई देर किए हस्ताक्षर कर दिए। रविवार को तड़के करीब तीन बजे चुनाव आयोग ने नई अधिसूचना जारी कर नए सिरे से चुनाव कराने की घोषणा की। चुनाव आयोग की नई अधिसूचना के अनुसार इस 31 अप्रैल को पांचों राज्यों में एक साथ चुनाव कराए जाएंगे। इसके लिए पुराने नामांकन ही वैध होंगे। देशभर की प्रिंटिंग प्रेसों को सरकार ने अधिगृहित कर बैलेट पेपर छपने का आर्डर दे दिया। चुनाव आयोग ने बसपा से दो दिनों के अंदर पांचों राज्यों की विधानसभा सीटों के लिए आब्जर्बर की सूची मांगी है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने केंद्र सरकार के इस फैसले पर खुशी जताते हुए कहा कि आखिर भाजपा वालों ने राखी का सम्मान रख लिया है। इसके लिए वे आजीवन भाजपा की आभारी रहेंगी। जब भी सरकार को जरूरत पड़ेगी वे और उनके सांसद, विधायक भाजपा की मदद करेंगे। केंद्र सरकार के इस फैसले पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने खुशी जताई है।
                                                                                                                                                         -बुरा न मानो होली है

इस्तीफे वापस लेने दौड़े चार सीएम
शनिवार को चुनाव परिणाम आने के बाद यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, उत्तराखंड के हरीश रावत, गोवा के लक्ष्मीकांत परसीकर व पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने इस्तीफे दे दिए थे। रविवार को सुबह जैसे ही उन्हें केंद्र सरकार के नए फैसले का पता चला तो सभी ने अपने-अपने राज्यों के राजभवन की दौड़ लगा दी है। रविवार होने के चलते राज्यपालों के दफ्तर बंद थे। इसलिए सभी दफ्तर खुलने का इंतजार कर रहे हैं। सभी का कहना है कि उनके इस्तीफे तत्काल उन्हें वापस किए जाने चाहिए। जिससे कि वे अपने अधूरे काम निपटा सकें।
                                                                                                                                                            -बुरा न मानो होली है

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5 comments

  1. very good decision
    elections should be held again…

  2. 31 April Ko election kese ho sakte h jab 31 April hoti hi nahi. Pls tell me correct information about this matter.
    Pls reply.

  3. इस खबर को कया समझे फिर होगे विधानसभा चुनाव सही या गलत बताये

  4. Kaya yah Sahi news Hai ki fake

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