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अखाड़ा परिषद अध्यक्ष पर मुकदमे के खिलाफ संतों का चढ़ा पारा

पुलिस के खिलाफ संतों में गहरी नाराजगी
मुख्यमंत्री से मिलेगा संतों का प्रतिनिधिमंडल
हरिद्वार। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी महाराज पर मुकदमा दर्ज होने पर संतों का पारा गरम हो गया है। संत समाज गुस्से में है। संतों ने तुरंत मुकदमा वापस लेने की मांग की है। चेतावनी दी है कि ऐसा नहीं करने पर आंदोलन किया जाएगा। इससे पहले एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मिलेगा।
अखिल भारतीय अखाडा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमहंत हरिगिरी महाराज ने कहा कि रामानंद इंस्टीट्यूट निरंजनी अखाडे की संपत्ति है और कुछ भूमाफिया अखाडे की संपत्ति को खुर्द बुर्द करने के इरादे से काम कर रहे हैं। यही कारण है कि उन्होंने अखाडे के पूर्व सचिव और महंत रामानंद पुरी के कंधे पर बंदूर रख अखाडा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी के खिलाफ ज्वालापुर कोतवाली में झूठा मुकदमा दर्ज कराया है। उन्होंने कहा कि अखाडा परिषद देश भर के संतों का प्रतिनिधित्व करती है और इस संस्था के अध्यक्ष के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने से पहले पुलिस को प्राथमिक स्तर पर जांच करनी चाहिए थी। लेकिन पुलिस की सीधी कार्रवाई ये बताती है कि पुलिस भी भू माफिया के दबाव में काम कर रही है। संत समाज इसका कड़ा विरोध करता है और पूरी तरीके से अपने अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी के साथ खडा है।
श्रीमहंत नरेंद्र गिरी महाराज ने बताया कि हाल ही में इलाहाबाद में महंत रामानंद पुरी के अपहरण की रिपोर्ट इलाहाबाद में दर्ज कराई गई थी। जिन लोगों के खिलाफ इलाहाबाद में मुकदमा दर्ज हुआ था उन्होंने ही षडयंत्र रचकर मेरे खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराया है। लेकिन हम इन झूठे मुकदमों से नहीं डरते हैं और ऐसे भूमाफिया को बेनकाब किया जाएगा जो अखाड़ों की संपत्तियों पर कब्जा कर उन्हें बेचना चाहते हैं। हम चाहते हैं कि एसएसपी हरिद्वार अपने स्तर से मुकदमें की जांच करें और सही तथ्यों का पता लगाकर इस षडयंत्र के पीछे जो लोग हैं उनके खिलाफ कार्रवाई करें।
भारत साधु समाज के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी ने बताया कि अखाड़ा परिषद दुनिया के संतों की सर्वोत्तम संस्था है और संस्था अपने कर्तव्यों को पूरी निष्ठा से निभा रही है। हाल ही में फर्जी संतों के खिलाफ कार्रवाई से भी धर्मविरोधी तत्व नाराज थे और ऐसा लगता है कि सनातन पंरपरा के इन विरोधियों ने ही महंत नरेंद्र गिरी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। लेकिन पूरा संत समाज एकजुट हैं और पुलिस की इस कार्रवाई की निंदा करता है। वहीं दूसरी ओर रामानंद इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी महाराज ने बताया कि कुछ कथित लोग अखाड़े की संपत्ति को कब्जा करना चाहते हैं और महंत रामानंद पुरी को बरगलाकर उनका प्रयोग किया जा रहा है। लेकिन अखाड़े की संपत्ति को किसी भी कीमत पर खुर्दबुर्द नहीं होने दिया जाएगा। पुलिस की इस कार्रवाई की निंदा करने वालों में निर्मल अखाडे के सचिव महंत बलवंत सिंह, स्वामी कपिल मुनि, स्वामी ऋ षेश्वरानंद, स्वामी हरिचेतनानंद, महंत प्रेम दास, महंत मोहन सिंह, स्वामी शिराम किशन, स्वामी तिलविलासानंद, स्वामी जगदीशानंद गिरी, स्वामी नित्यानंद, महंत साधनानंद, महंत विनोद गिरी महाराज सहित कई संत शामिल रहे।

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