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जीप दुर्घटनाओं में चार शिक्षकों सहित 6 की मौत, 11 घायल

तीन ने मौके पर तोड़ा दम, चालक सहित तीन की हल्द्वानी जाते समय मौत, सभी घायल सुशीला तिवारी हल्द्वानी फर, एक गंभीर
अल्मोड़ा। यहां हुई दो अलग-अलग जीप दुर्घटनाओं में चार शिक्षकों सहित छह लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। पहली घटना में यहां लोअर माल रोड में डायट मैदान के पास टाटा सूमो खाई में गिर गई, जिसमें एक महिला की मौत हो गई और 5 घायल हो गये। दूसरी घटना यहां चितई के निकट कालीधार में हुई। जिसमें बुलेरो चालक सहित पांच लोगों की मौत हो गई और 6 घायल हैं। सभी 11 घायल हल्द्वानी रिफर कर दिये गये हैं, जिनमें से एक की हालत गंभीर बताये जा रहे हैं।
अल्मोड़ा से शिक्षकों को लेकर दन्या जा रही बोलेरो चितई के निकट स्यालीधार बैंड में सुबह करीब 8.55 पर असंतुलित होकर गहरी खाई में जा गिरी। जिसमें ड्राइवर सहित कुल ग्यारह लोग सवार थे। दुर्घटना स्थल पर एक शिक्षका सहित तीन लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि प्राथमिक उपचार के बाद हल्द्वानी रेफर किए गए ड्राईवर व एक अन्य शिक्षिका की मार्ग में मौत हो गई। बोलेरो में सवार अन्य छह में से दो लोगों को हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल के लिए रवाना किया। हृदयविदारक दुर्घटना के बाद पूरे दिन भी कोहराम मचा रहा। घटनाक्रम के अनुसार गुरूवार को बोलेरो वाहन संख्या यूके 01 टीए 2208 अल्मोड़ा से शिक्षकों को लेकर दन्या की ओर जा रही थी। करीब पौने नौ बजे चितई से पास कालीधार पर गाड़ी असंतुलित होकर करीब सौ मीटर गहरी खाई में जा गिरी। सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और ग्रामीणों ने आनन-फानन में राहत बचाव शुरू कर दिया। घटनास्थल पर ही एक शिक्षिका सहित चार लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए बेस अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां सभी सात घायलों का प्राथमिक उपचार किया गया। जबकि गंभीर हालतों को देखते हुए ड्राईवर को प्राथमिक उपचार के बाद हल्द्वानी रेफर किया गया। जहां उसने गरम पानी के पास रास्ते में ही दम तोड़ दिया। वहीं एक शिक्षिका गीता नयाल की हालत अचानक खराब हो जाने के बाद डाक्टरों ने उन्हें भी सुशीला तिवारी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। उनकी भी रास्ते में क्वारब के पास मौत हो गई। दूसरी घटना में अल्मोड़ा से खूंट धामस को जा रही बुलेरो संख्या यूके 01 टीए 1732 लोअर माल रोड में डायट मैदान के पास सुबह करीब 8.40 बजे खाई में जा गिरी। इस घटना में हल्द्वानी की एक महिला की मौत हो गई, जबकि 5 लोग घायल हो गये। चार घायलों को बेस अस्पताल भर्ती किया गया है, जबकि हालत गंभीर होने पर चालक को सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी रिफर किया गया है।

कालीधार (चितई) में हुई मृतकों के नाम और विवरण
1. लक्ष्मी साही (उम्र 47) पत्नी नरेंद्र सिंह निवासी चैधरीखोला, जाखनदेवी अल्मोड़ा
2. मोहन चंद्र पंत (48) पुत्र कमलाकांत पंत निवासी खुटकुड़ी भैरव मंदिर अल्मोड़ा
3. कांताबल्लभ बवाड़ी (47) पुत्र अज्ञात, निवासी किचार, स्याल्दे, प्रधानाध्यापक प्रा.वि. दिगोली, अल्मोड़ा
4. खजान राम (40) पुत्र किशन राम (ड्राईवर) निवासी दिगोली बाड़ेछिना, अल्मोड़ा
5. गीता नयाल (48) पत्नी भगत सिंह नयाल निवासी लक्ष्मेश्वर, अल्मोड़ा

घायलों का विवरण –
1. कमला बिष्ट पत्नी (40) राम सिंह बिष्ट निवासी डुबकिया, अल्मोड़ा
2. कविता जीना (20) पुत्री संतोष सिंह जीना निवासी बाड़ेछिना, अल्मोड़ा
3. चित्रा पुरोहित (47) पत्नी मनोज पुरोहित निवासी पीलीकोठी, हल्द्वानी
4. दीपिका बिष्ट (35) पत्नी गोकुल सिंह बिष्ट, सहायक अध्यापिका आदर्श जूहा दिगोली, अल्मोड़ा
5. राजकुमार जोशी (40) पुत्र हेम चंद्र जोशी, निवासी नृसिंहबाड़ी अल्मोड़ा
6. नीरा गुसांई (47) पत्नी कृष्णा गुसांई, निवासी जाखनदेवी, अल्मोड़ा सहायक अध्यापिका प्राथमिक विद्यालय दिगोली

लोअर माल, डायट मैदान के पास हुई दुर्घटना में मृतक व घायलों के नाम व विवरण
1. लक्ष्मी रौतेला निवासी सुभाष नगर हल्द्वानी (मृतका)
2. रेखा बिष्ट (29) पत्नी कुंदन सिंह बिष्ट, निवासी कालीपुर, हल्द्वानी (घायल)
3. वर्षा बिष्ट (7) पुत्री कुंदन सिंह बिष्ट, निवासी कालीपुर, हल्द्वानी
4. धीरज कुमार टम्टा (वाहन चालक), निवासी खूंटधामस, अल्मोड़ा
5. जितेश बिष्ट (22) पुत्र डुंगर सिंह बिष्ट, निवासी तिकोनिया, हल्द्वानी
6. चंदन सिंह बिष्ट (29) पुत्र आनंद सिंह बिष्ट, निवासी कालीपुर, हल्द्वानी
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एंबूलेंस में नहीं था ऑक्सीजन सिलेंडर
अल्मोड़ा। वाहन दुर्घटनाओं के बाद 108 एंबूलेंस सेवा की पोल भी खुल गई। घायलों को काफी देर से लेने पहुंची एंबूलेंस में आक्सीजन का सिलेंडर तक नहीं था। इस अव्यवस्था को लेकर वहां मौजूद लोगों में खासी नाराजगी देखी गई। वहीं, अगर समय पर ऑक्सीजन सिलेंडर मिल जाता तो शायद गीता नयाल और ड्राईवर की जान बच सकती थी। काफी विलंब होने के बाद अस्पताल प्रशासन ऑक्सीजन सिलेंडरों की व्यवस्था कर पाया, जबकि अति-आवश्यकीय सेवाओं की गाड़ी में करीब दो सिलेंडर होने अनिवार्य होते है।

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