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नैनीताल में आवारा जानवरों से मुक्ति की मांग को लेकर जुलूस निकालते लोग।

नैनीताल : आवारा जानवरों से मुक्ति को लेकर जुलूस-धरना

नैनीताल। सोमवार को नागरिक सुरक्षा एकता मंच के बैनर तले उत्तराखंड देवभूमि क्रांतिकारी मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष केएल आर्या के नेतृत्व में आवारा कुत्तों, बंदरों, लंगूरों के आतंक से मुक्ति दिलाये जाने की मांग को लेकर मल्लीताल से तल्लीताल तक जुलूस निकाला गया। इस दौरान जमकर नारेबाजी की गई। जुलूस में शामिल लोग शासन-प्रशासन होश में आओ के नारे लगा रहे थे। जुलूस के बाद यहां तल्लीताल गांधी चौक में धरना दिया गया। इस दौरान शासन-प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा गया। इस दौरान सभा का आयोजन भी किया गया। सभा को संबोधित करते हुए उत्तराखंड देवभूमि क्रांतिकारी मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष केएल आर्या ने कहा कि शहर के अंतर्गत आवारा कुत्तों, बंदरों, लंगूरों के दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहे आतंक पर चिंता जताते हुये चार जून को आयुक्त कुमाऊं मंडल व जिलाधिकारी नैनीताल को ज्ञापन दिया गया था लेकिन प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि वर्ष 2011 से अब तक आवारा कुत्तों, बंदरों, लंगूरों ने आठ हजार से अधिक लोगों को काट कर घायल कर दिया है जिसमें अधिकांश बच्चे शामिल हैं। इस दौरान एक पर्यटक बच्ची सहित दो बच्चों की मौत तक हो चुकी है। इस आतंक की मुक्ति के लिए शहर में कई बार धरना-प्रदर्शन भी हो चुके हैं लेकिन केन्द्र, राज्य सरकार को प्रशासन, पालिका व वन विभाग महज खानापूर्ति के लिए पत्र व्यवहार करने तक सीमित हैं। वक्ताओं ने शहर में डॉग हाउस बनाकर आवारा कुत्तों को विस्थापित करने, बंदर व लंगूरों के लिए शहर से दूर बाड़े बनाने, आवारा कुत्तों, बंदरों, लंगूरों के कारण मृत लोगों के परिवारों को पांच-पांच लाख का मुआवजा देने, घायलों को उपचार के लिए दो-दो लाख का मुआवजा देने, मानव सुरक्षा के लिए कानून बनाने की मांग की। धरना व जुलूस में मोर्चा के पदाधिकारी धना पांडे, भुवन राम, राजेश कुमार, नरेश कुमार, अभिषेक कुमार, गौरव कुमार, बच्ची राम, अजय कुमार, संतोष कुमार सहित अनेक लोग मौजूद थे।

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