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प्राधिकरण के गठन का मुख्य उद्देश्य समग्र विकास: कौशिक

बागेश्वर। शहरी विकास व आवास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि जिला विकास प्राधिकरण के गठन का मुख्य उद्देश्य सुनियोजित व व्यवस्थित तरीके से क्षेत्रों का समग्र विकास करना है। वे शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में विकास प्राधिकरण की पहली बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि जनता के हित को दृष्टिगत रखते हुए तथा क्षेत्रों के विकास के लिए प्राधिकरण का गठन किया गया है। विकास प्राधिकरण को प्राप्त राजस्व का उपयोग सम्बन्धित क्षेत्र के विकास पर खर्च किया जायेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि वे जनता को प्राधिकरण के कार्यों एवं उद्देश्यों के साथ ही नक्शे पास कराना, योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने के लाभ के बारे में भी जानकारी दें।
उन्होंने विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को आपसी सामंजस्य के साथ कार्य कर मास्टर प्लान तैयार करने के निर्देश दिये। उन्होंने प्राधिकरण के अभियन्ता को निर्देशित किया कि कोई भी नक्शा पास होने के लिए हल्द्वानी या अन्य जगह न भेजा जाय। नक्शे यहीं स्वीकृत होने चाहिए। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर जो भी व्यवहारिक कठिनाइयां आ रही हैं, उनकी लिखित सूचना तत्काल शासन को दें ताकि उनका समय से निदान किया जा सके। उन्होंने जिलाधिकारी को विकास प्राधिकरण की कार्यशाला आयोजित कर आम जनता व जनप्रतिनिधियों को प्राधिकरण के क्रियाकलापों के बारे में जानकारी देने को कहा। उन्होंने कहा कि अधिनियम से हटकर कार्य करने तथा कार्य में अनियमितता व लापरवाही बरतने वालों को बख्शा नहीं जायेगा। उन्होंने कहा कि स्थानान्तरण एक्ट बनाया गया है। जिसके तहत अब दूरस्थ क्षेत्रों में डाक्टरों एवं शिक्षकों की कोई कमी नहीं होगी कहा कि सरकार शीघ्र 2 हजार डाक्टरों की तैनाती करने जा रही है।
उन्होंने अधिकारियों को नगर निकायों को ओडीएफ करने हेतु तेजी से कार्य करने, घर-घर जाकर कूड़ा एकत्र करने, कलेक्शन सेन्टरों पर ही जैविक तथा अजैविक कूड़ा अलग करने और कूड़े के निस्तारण से प्राप्त धनराशि के अधिकतम हिस्से को कर्मचारियों में इन्सेटिव के रूप मे वितरित करने के निर्देश दिये।
बैठक में जिलाधिकारी रंजना राजगुरू, ने बताया कि जिला विकास प्राधिकरण के कार्यालय की स्थापना कलेक्ट्रेट में कर दी गयी है। यूडीए का खाता खोल दिया गया है। उन्होंने बताया कि विकास प्राधिकरण का क्षेत्रीय कार्यालय कपकोट में खोला गया है जिसके लिए उपजिलाधिकारी कपकोट को सचिव नामित किया गया है। तहसील बागेश्वर एवं कपकोट के अन्तर्गत आने वाले क्षेत्रों के भवन निर्माण अनुज्ञा सम्बन्धी आवेदन पत्र प्राप्त किये जा रहे हैं। उन्होंने नगर पंचायत कपकोट में स्टाफ की कमी बताई जिस पर मंत्री ने अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत को आउट सोर्स से कार्मिकों की तैनाती करने को कहा।
बैठक में विधायक बागेश्वर चन्दन राम दास, विधायक कपकोट बलवन्त सिंह भौर्याल, जिलाध्यक्ष भाजपा शेर सिंह गडिय़ा, अध्यक्ष नगर पालिका बागेश्वर गीता रावल, अध्यक्ष नगर पंचायत कपकोट चम्पा देवी, पूर्व अध्यक्ष जिला पंचायत विक्रम सिंह शाही, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष सुबोध लाल साह, मुख्य विकास अधिकारी एसएसएस पांगती, अपर जिलाधिकारी राहुल गोयल, उपजिलाधिकारी काण्डा रिंकू बिष्ट, उपजिलाधिकारी गरुड़ सुन्दर सिंह, उपजिलाधिकारी कपकोट रविन्द्र सिंह बिष्ट, जिला विकास अधिकारी केएन तिवारी, वरिष्ठ कोषाधिकारी नीतू भण्डारी, अधिशासी अभियंता विद्युत भाष्कर पाण्डेय, अधिशासी अभियंता जल संस्थान नन्द किशोर, जिला पंचायत राज अधिकारी पूनम पाठक, अधिशासी अभियंता जल निगम सीपीएस गंगवार, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका बागेश्वर राजदेव जायसी, अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत कपकोट कृपाली सिंह सहित कई अधिकारी उपस्थित थे।

 

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