Breaking News
Home / Breaking News / वनों के बिना जीवन की कल्पना असंभव : खिमाल

वनों के बिना जीवन की कल्पना असंभव : खिमाल

बनबसा। वनों की उपयोगिता और वन विभाग से जुड़े कानूनों को लेकर आज चन्दनी ग्रामसभा में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।
तहसील विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष न्यायिक मजिस्टे्रट अखिलेश कुमार पाण्डे की अध्यक्षता और टनकपुर डिग्री कालेज के प्रोफेसर सर्वजीत सिंह यादव के संचालन में आयोजित शिविर में न्यायिक अधिकारियों द्वारा लोगों को वन विभाग से जुड़े कानूनों और वन संरक्षण अधिनियम की विस्तार से जानकारी दी गई। जिला जज और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चम्पावत के अध्यक्ष प्रेम सिंह खिमाल ने कहा कि वन हमारे जीवन के लिए बेहद उपयोगी है और वनों के बिना जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि मानवीय अत्याचार के चलते वन्य जीव और वन क्षेत्र दिनों दिन सिकुड़ते जा रहे हैं जो पर्यावरण और मानव जीवन के लिए खतरे की घंटी हैं। उन्होंने कहा कि वनों का संरक्षण हम सब की जिम्मेदारी है। न्यायिक मजिस्टे्रट अखिलेश कुमार पाण्डे ने लोगों को वन संरक्ष्ण अधिनियम के बारे में विस्तार से जानकारिया दी। उन्होंने कहा कि जंगलों में वन्य जीवों द्वारा पशु हानि और मानव क्षति किये जाने पर सरकार द्वारा मुआवजे का प्रावधान है जिसकी जानकारी वन क्षेत्र से सटे ग्रामीणों को होनी चाहिए। न्यायिक मजिस्टे्रट राजेन्द्र कुमार ने भी वन विभाग से जुड़े कानूनों के बारे में विस्तार से बताया। शिविर का संचालन कर रहे प्रोफेसर सर्वजीत सिंह यादव ने शिविर के आयोजन में सहयोग के लिए ग्राम प्रधान गंगा गुरंग, ग्राम पंचायत अधिकारी गीता बिष्ट और रिंकी गुप्ता का आभार जताया। शिविर में ग्रामीणों के अलावा पीएलवी अर्जुन सिंह, रौनक अली, नेहा कापड़ी, पूजा शर्मा, बबीता पुनेड़ा, नीतू प्रजापति, ममता देवी, अमित कुमार आदि लोग भी मौजूद थे।

About saket aggarwal

Check Also

ग्रामीण निर्माण विभाग में नियम विरुद्ध पदोन्नति

देहरादून। डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ ग्रामीण निर्माण विभाग ने राज्य शासन स्तर से विभाग में अधिशासी …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *