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बेहड़ ने अब कोश्यारी को घेरा

रुद्रपुर। शहर में चल रहे अतिक्रमण अभियान को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोलने वाले पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तिलक राज बेहड़ ने अब पूर्व मुख्यमंत्री और क्षेत्रीय सांसद भगत सिंह कोश्यारी की भूमिका पर सवाल उठाये हैं। उन्होंने कोश्यारी पर आरोप लगाया कि उन्होंने संवेदनहीनता की सीमायें लांघ दी हैं। बेहड़ ने कहा कि सांसद जनता का सेवक और चौकीदार होने के साथ ही अभिभावक भी होता है। जिस रुद्रपुर की जनता ने कोश्यारी को बीते लोकसभा चुनाव में 55 हजार से भी अधिक वोटों से आगे कर उनकी जीत का मार्ग प्रशस्त किया आज उसी रुद्रपुर के व्यापारियों के आंसू पोंछने का समय भी क्षेत्रीय सांसद नहीं निकाल पाए। बेहड़ ने आरोप लगाया कि कोश्यारी के पास जिला प्रशासन से मीटिंग करने का समय है। सरकारी विश्राम गृहों में अपना स्वागत कराने का समय है मगर रुद्रपुर में उजाड़े जा रहे हजारों व्यापारियों की दुर्दशा जानने का समय नहीं है। बेहड़ ने सवाल किया कि क्या जिला प्रशासन कोश्यारी के कद से भी ऊंचा हो गया है कि अगर कोश्यारी उन्हें व्यापारियों के अतिक्रमण को सख्ती व निर्ममता से तोडऩे की जगह कुछ राहत को कहते तो व्यापारी वर्ग के जख्मों पर मरहम लगता। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि भाजपा के सभी जन प्रतिनिधियों ने जिला व निगम प्रशासन को रुद्रपुर की जनता के उत्पीडऩ की खुली छूट दी हुई है। वैसे भी बीते चार साल का कोश्यारी का कार्यकाल निराशाजनक रहा है। रुद्रपुर में कोई विकास योजना देना तो दूर कोश्यारी ने कभी यहां की त्रस्त जनता से रूबरू होने का भी समय नहीं निकाला। आज रुद्रपुर का व्यापारी, उनका परिवार, उनके घर की महिलाएं व बच्चे अपनी आंखों के आगे अपने बुजुर्गों के बनाये प्रतिष्ठान उजड़ते देख रहे हैं मगर यहां भाजपा के जनप्रतिनिधि उनकी तकलीफों पर एसिड छिड़कने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के नुमाइंदे संवेदनहीन हो चुके हैं। अतिक्रमण से हो रही तबाही पर व्यापारियों का मजाक उड़ाते हुए बयान दिए जा रहे हैं। कतिपय भाजपा नेता कह रहे हैं कि अतिक्रमण हटने से बाजार खुला होगा और ग्राहक की आमद होगी। बेहड़ ने कहा कि वह पूछना चाहते हैं कि जब बाजार ही नहीं होगा तो ग्राहक कहां से आयेंगे, क्या इसी खुले बाजार में यही जन प्रतिनिधि खुले दिल से चुनावों में वोट मांगेंगे। बेहड़ ने कहा कि बर्बाद होते व्यापारियों का उपहास उड़ाकर रुद्रपुर को चंडीगढ़ बनाने का दावा करने वाले क्षेत्रीय सांसद कोश्यारी सहित सभी जन प्रतिनिधि अब अपनी डबल इंजन की राज्य व केंद्र सरकार से यहां के लिए प्रोजेक्ट पास करवाएं। अपने कार्यकाल के दौरान कोश्यारी ने यहां किसी कि सुध नहीं ली मगर अब सांसद होने के नाते भी वह अपनी जिम्मेदारी से दूर भाग रहे हैं। हाई कोर्ट के आदेश को नहीं टाला जा सकता मगर जनता के आंसू पोंछने तो रुद्रपुर के बाजार में क्षेत्रीय सांसद आ ही सकते थे। अब जनता स्वयं तय करेगी कि जिन नेताओं को रिकॉर्ड मतों से उन्होंने विजयी बनाया है और उनके बुरे वक्त में उनका मजाक बनाने वाले इन नेताओं के साथ कैसा सलूक किया जाना चाहिए।

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