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गंगोत्री: गंगा नदी का उद्गम स्थल

गंगोत्री गंगा नदी का उद्गम स्थान है। गंगाजी का मंदिर, समुद्र तल से 3042 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। भागीरथी के दाहिने ओर का परिवेश अत्यंत आकर्षक एवं मनोहारी है। यह स्थान उत्तरकाशी से 100 किमी की दूरी पर स्थित है। गंगा मैया के मंदिर का निर्माण गोरखा कमांडर …

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त्रियुगीनारायण मंदिर उत्तराखंड: जहां शिव-पार्वती ने लिये थे फेरे

उत्तराखंड में एक ऐसा मंदिर है जो शिव और पार्वती के विवाह का गवाह है। इस मंदिर में शिव और पार्वती ने साथ फेरे लिये थे। यह मंदिर उत्तराखंड के रूद्रप्रयाग जिले में है और इस मंदिर को त्रियुगीनारायण मंदिर के नाम से जाना जाता है। इस मंदिर में आज …

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पहाड़ों की रानी: मंसूरी

मसूरी भारत के उत्तराखण्ड राज्य का एक पर्वतीय नगर है, जिसे पर्वतों की रानी भी कहा जाता है। देहरादून से 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित, मसूरी उन स्थानों में से एक है जहाॅं लोग बार-बार आते जाते हैं। घूमने-फिरने के लिए जाने वाली प्रमुख जगहों में यह एक है। …

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जौलजीबी: गौरी और काली नदी का संगम

पिथौरागढ़ नगर से 68 किमी की दूरी पर स्थित जौलजीबी एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। यह स्थान गोरी और काली नामक दो नदियों का संगम स्थल भी होने के कारण प्रसिद्ध है।इसके अलावा,यहाँ प्रतिवर्ष एक प्रसिद्ध मेला आयोजित किया जाता है, जो पूरे भारत से एवं नेपाल के लोगों को …

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हाट कलिका का मंदिर: आस्था एवम् विश्वास का मंदिर

पिथौरागढ़ जिले के गंगोलीहाट क्षेत्र में स्थित हाट कलिका का मंदिर भव्य आस्था एवम् विश्वास का मंदिर है | यह मंदिर घने देवदार के जंगलों के बीच स्थित है | इस मंदिर में दूर दूर से लोग आकर देवी काली माता के चरणों में मन्नते मांगते है | गंगोलीहट में …

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त्रिशूल पर्वत: उत्तराखंड में स्थित हिमालय की एक चोटी

बागेश्वर। त्रिशूल हिमालय की तीन चोटियों के समूह का नाम है, जो पश्चिमी कुमाऊं में स्थित हैं। यह उत्तराखंड राज्य के मध्य में बागेश्वर जिला के निकट हैं। ये नंदा देवी पर्वत से पश्चिम दक्षिण-पश्चिम दिशा में १५ कि॰मी॰ (९ मील) दूर नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान को घेरते हुए शिखरों के …

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त्रिशूल पर्वत: उत्तराखंड में स्थित हिमालय की एक चोटी

बागेश्वर। त्रिशूल हिमालय की तीन चोटियों के समूह का नाम है, जो पश्चिमी कुमाऊं में स्थित हैं। यह उत्तराखंड राज्य के मध्य में बागेश्वर जिला के निकट हैं। ये नंदा देवी पर्वत से पश्चिम दक्षिण-पश्चिम दिशा में १५ कि॰मी॰ (९ मील) दूर नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान को घेरते हुए शिखरों के …

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पिथौरागढ़: हर मौसम में पर्यटन के लिये मुफीद शहर

पिथौरागढ़ । पिथौरागढ़ भारत के उत्तराखण्ड राज्य का एक प्रमुख शहर है। पिथौरागढ़ का पुराना नाम सोरघाटी है। सोर शब्द का अर्थ होता है– सरोवर। यहाँ पर माना जाता है कि पहले इस घाटी में सात सरोवर थे। दिन-प्रतिदिन सरोवरों का पानी सूखता चला गया और यहाँपर पठारी भूमि का जन्म …

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रूपकुंड: जितना खूबसूरत उतना ही रहस्यमय

चमोली। रूपकुंड (कंकाल झील) भारत उत्तराखंड राज्य में स्थित एक हिम झील है जो अपने किनारे पर पाए गये पांच सौ से अधिक कंकालों के कारण प्रसिद्ध है। यह स्थान निर्जन है और हिमालय पर लगभग 5029 मीटर (16499 फीट) की ऊंचाई पर स्थित है। इन कंकालों को 1942 में …

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जिला चंपावत: प्राकृतिक और ऐतहासिक समृद्धि का प्रतीक

चम्पावत भारत के उत्तराखण्ड राज्य के चम्पावत जिले का मुख्यालय है। पहाड़ों और मैदानों के बीच से होकर बहती नदियाँ अद्भुत छटा बिखेरती हैं। चंपावत में पर्यटकों को वह सब कुछ मिलता है जो वह एक पर्वतीय स्थान से चाहते हैं। वन्यजीवों से लेकर हरे-भरे मैदानों तक और ट्रैकिंग की …

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