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डोईवाला में मुख्यमंत्री हाय-हाय के नारे लगे, काली पट्टी हाथों में लहराकर विरोध प्रदर्शन

डोईवाला चीनी मिल को पीपीपी मोड़ में देने की तैयारी

डोईवाला/ब्यूरो। डोईवाला में चीनी मिल का शुभारंभ और शुभारंभ का विरोध एक साथ देखने को मिला।

 

एक तरफ चीनी मिल डोईवाला में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा पेराई सत्र का शुभारंभ किया जा रहा था। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा मिल गेट पर शुभारंभ का विरोध किया जा रहा था। कांग्रेस कार्यकर्ता मुख्यमंत्री हाय-हाय, त्रिवेंद्र सरकार होश में आओ और गन्ने का भुगतान शीघ्र करो के जोरदार नारे लगा रहे थे। प्रदर्शन करने वाले कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं की पुलिस ने चारों तरफ से घेराबंदी कर रखी थी। प्रदर्शनकारी हाथों में काली पट्टी बांधकर मिल गेट पर धरने पर बैठे थे। लेकिन शुभारंभ के बाद जैसे ही कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में मुख्यमंत्री का काफिला मिल गेट से बाहर निकला तो कांग्रेस नेता खड़े होकर मुख्यमंत्री के विरोध में जोर-जोर से नारे लगाने लगे। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री के विरोध में काली पट्टियां भी हवा में लहराते हुए नारे लगाए। पुलिस बल प्रदर्शनकारियों को रोके हुए था।

कांग्रेस के पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष मनोज नौटियाल ने कहा कि किसानों का बकाया 18 करोड़ अभी तक नहीं दिया गया है। और गन्ने का सर्मथन मूल्य भी घोषित नहीं किया गया है। इसलिए वो इस पेराई सत्र का विरोध करते हैं। मोहिन शर्मा ने कहा कि स्वामीनाथन की रिपोर्ट में गन्ने का सर्मथन मूल्य 400 रूपये करने की बात कही गई है। इस किसान विरोधी सरकार को इस्तीफा देना चाहिए। उधर चीनी मिल प्रागंण में पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में बकाया भुगतान का प्रावधान कर दिया गया है। हफ्ता दस दिन में किसानों को बकाया भुगतान मिल जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में राजवीर खत्री, अजय सैनी, अब्दूल कादिर, सुनील बरमन, सुरेंद्र खालसा, कमल अरोड़ा, सुबोध उनियाल, शेर सिंह पाल, नागेंद्र, सुरेंद्र सिंह, त्रिलोक सिंह, अनीश अहमद, उस्मान आदि शामिल रहे।

पीपीपी मोड़ से होंगे फायदे

डोईवाला। मुख्यमंत्री ने कहा कि चीनी मिल और किसानों की दशा सुधारने के लिए मिल को कॉप्रोडेक्शन की ओर ले जाया जा रहा है। जो पीपीपी मोड़ से ही होगा। इससे किसानों और कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। बता दें कि चीनी मिल वर्तमान में 46 करोड़ के घाटे में चल रही है। वहीं अधिशासी निदेशक मनमोहन रावत ने कहा कि चीनी मिल को सुचारू चलने में एक या दो दिन का समय और लगेगा।

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