Home / Breaking News / उत्कृष्ट कार्य करने वाली पांच महिलाएं सम्मानित

उत्कृष्ट कार्य करने वाली पांच महिलाएं सम्मानित

देहरादून। देश-दुनिया में उत्तराखंड का नाम रोशन करने वाली पांच महिलाओं को राज्य महिला आयोग की ओर से सम्मानित किया गया। बुधवार से शुरू हुए दो दिवसीय सेमीनार के दूसरे दिन सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किया। सीएम ने महिला हस्तियों के कार्यों की सराहना की। साथ ही महिला उत्थान के क्षेत्र में सरकार के कामों की जानकारी दी।
राज्य महिला आयोग की ओर से आजादी के बाद महिलाओं की दशा और दिशा पर इस मंथन कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में देशभर से महिला आयोग की अध्यक्ष व अन्य प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। सेमीनार के समापन अवसर पर गुरुवार को हंस फाउंडेशन की प्रणेता मंगला माता, जागर गायिका बसंती बिष्ट, लोक गायिका कल्पना चौहान, पर्वतारोही डॉ हर्षवंती बिष्ट, अभिनेत्री उर्वशी रौतेला और मॉडल अनुकृति गुसाईं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में अनुकृति गुसाईं, हर्षवंती बिष्ट और कल्पना चौहान खुद अवार्ड लेने पहुंची। जबकि माता मंगला, उर्वशी रौतेला और बसंती बिष्ट की ओर से उनके प्रतिनिधियों ने सम्मान हासिल किया। आयोग ने बताया कि इनका चयन विभिन्न क्षेत्रों में योगदान के आधार पर किया गया है।
इससे पहले कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार महिला स्वयं सहायता समूहों को सशक्त करने के लिए शीघ्र ही विशेष योजना पर कार्य करेगी। सरकार महिलाओं की स्थिति मजबूत करने को कौशल विकास, उत्पादन शक्ति में महिलाओं के योगदान, उद्यमशीलता को प्रोत्साहित करने के प्रयासों पर विशेष फ ोकस कर रही है। राज्य सरकार न्याय पंचायतों को ग्रोथ सेन्टर के रूप में विकसित करेगी। 15 न्याय पंचायत सेन्टरों में महिलाओं को सिलाई के लिए कटिंग किए हुए परिधान सिर्फ सिलाई के लिए उपलब्ध करवाया जाएंगे। राज्य में दो महिला बैंक आरम्भ किये गये है। अन्य जिलों में भी यह बैंक आरम्भ किये जाएंगे। एलईडी बल्ब वितरण भी महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा करवाये जा रहे है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि तीन तलाक के मुद्दे पर समस्त महिला समाज को एकत्र होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज से 10 महीने पहले 6 वर्ष तक के बच्चों में लिंगानुपात पौड़ी, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ जिलों में चिन्तनीय रूप से कम था। इस संबंध में पुन: सर्वे करवाया गया तथा तथ्यों की पुष्टि की गई। संबंधित जिलाधिकारियों को इस पर विशेष फ ोकस करने के निर्देश दिये गये। आज पिथौरागढ़ व चम्पावत जिलों के लिंगानुपात के गैप में कमी देखने को मिली है। उन्होंने उत्तराखण्ड की सफ ल महिलाओं से इस अभियान से जुडऩे का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य के 13 जिलों में से 3 जिलों में महिला जिलाधिकारी तथा चार जिलों में महिला पुलिस अधीक्षक तैनात है। इन जिलों में बहुत अच्छा कार्य हो रहा हैं। इस अवसर पर उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष सरोजनी कैन्तुरा के साथ ही जम्मू कश्मीर, उड़ीसा, छतीसगढ़, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात महिला आयोग की अध्यक्ष भी उपस्थित थीं।

About saket aggarwal

Check Also

एनएसयूआई ने परिवहन विभाग का पुतला फूंका

डोईवाला/ब्यूरो। नाराज एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने कॉलेज गेट के सामने बसें न रूकने को लेकर परिवहन …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *