Breaking News
Home / Breaking News / वाह रे सरकार, विधायकों की 120 प्रतिशत सैलेरी बढ़ाकर लौट रही सरकार

वाह रे सरकार, विधायकों की 120 प्रतिशत सैलेरी बढ़ाकर लौट रही सरकार

गैरसैंण: लोकायुक्त पर नहीं कोई बात
गैरसैंण। ऐतिहासिक बजट सत्र शुरू होने से पहले ही सरकार की लोकायुक्त व राजधानी को लेकर चुप्पी बता रही थी कि वह इस मामले को ठंडे बस्ते में ही रहने देगी। सरकार ने गैरसैंण में इन दो मामलों को लेकर कोई दिलचस्पी नहीं दिखायी वहीं विधायकों और पूर्व विधायकों की बल्ले-बल्ले जरूर हो गई है। शनिवार को सदन में पेश किये गए राज्य विधानसभा विविध संशोधन विधेयक को सोमवार को पास कर दिया गया और इसी के साथ विधायकों के मानदेय में करीब 120 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की गई है।
इस विधेयक के पास होने के बाद अब विधायकों का वेतन सवा तीन लाख रुपये के करीब होगा। इससे पहले विधायकों को 1 लाख 57 हजार वेतन मिलता था। 120 प्रतिशत वृद्धि के बाद 3,45,400 रुपये होगा। कुल मिलाकर विधायकों के वेतन में एक लाख 88 हजार की वृद्धि हुई है।
एक तरफ सरकार इस बात का रोना रोती है कि उसके पास अपने कर्मचारियों को तनख्वाह के लिए सरकारी खजाने में पर्याप्त धन उपलब्ध नहीं है। वहीं, दूसरी तरफ विधायक जो पहले से ही कई प्रकार की सरकारी सुविधाएं उठाते हैं उनके लिये त्रिवेंद्र रावत सरकार ने आज वेतन में 120 फीसदी से भी ज्यादा की वृद्धि की है।
गौर हो कि राज्य सरकार ने हाल ही में अपने कर्मचारियों की तनख्वाह के लिए 400 करोड़ रुपए अंतरराष्टï्रीय संस्थानों से लोन के रूप में लिया है। इसके अलावा कई ऐसे विभाग और सरकारी संस्थाएं हैं जैसे- खाद्य सुरक्षा विभाग, जीएमवीएन और उत्तराखंड परिवहन निगम, जहां कर्मचारियों को 2-3 महीने से वेतन भी नहीं मिला है।
विधायकों का वेतन-भत्ता बढ़ाने के लिए विधानसभा की तदर्थ समिति का गठन किया गया था। समिति की रिपोर्ट तीन दिन पहले ही सरकार ने सदन में रखी थी। इसके बाद कैबिनेट की बैठक में वेतन-भत्ते बढ़ाने को भी मंजूरी दी थी। जिसके बाद सरकार ने राज्य विधानसभा विविध संशोधन विधेयक सदन के पटल पर रखा। सदन से पास होने के बाद इसे राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।

 

विधायकों को मिलती हैं ये सेवाएं-
विधायकों को एक साल में यात्रा के लिये रेल व हवाई मार्ग से तीन लाख के कूपन की सुविधा है।
उन्हें व परिजनों को क्लास वन अफसर के समक्ष चिकित्सा सुविधा।
दो मोबाइल, एक टेलीफोन, 2 हजार लैटर हेड व 1000 लिफाफे फ्र ी।
मकान निर्माण व वाहन खरीद के लिए आठ-आठ लाख ऋ ण की भी सुविधा है।
ठेकेदारों का भुगतान नहीं, अपनों का ख्याल
सरकार के खजाने का आलम ये है कि ठेकेदारों द्वारा करीब साल भर पहले ही पूर्ण किये कई सरकारी निर्माण कार्यों का भुगतान आज तक नहीं हो पाया है। इसी वजह से सरकारी ठेकेदार आये दिन धरना, प्रदर्शन और आंदोलन पर उतारू रहने को मजबूर हो रहे हैं। लेकिन यह बात आम आदमी की समझ से परे है कि सरकार की ऐसी कौन सी मजबूरी थी जिसने माननीयों की वेतन वृद्धि 120 प्रतिशत करने के लिए विवश कर दिया।

About saket aggarwal

Check Also

पुंछ जाकर शहीद औरंगजेब के परिवार से मिले सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत

नई दिल्ली (एजेंसी)। जम्मू-कश्मीर में सीजफायर खत्म होने से एक दिन पहले ही आतंकियों ने …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *