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मुख्यमंत्री की प्रतिष्ठा से सीधे जुड़ा दून मेयर सीट का चुनाव

मदन मोहन लखेड़ा, देहरादून। निकाय चुनाव की जंग में बीजेपी ने अपने अधिकृत प्रत्याशियों को लेकर बना सस्पेंस खत्म कर दिया है। पार्टी की चुनाव संचालन समिति ने घंटों की मैराथनी बैठक के बाद मेयर और निकाय अध्य्क्ष पदों पर अपने प्रात्यशियों की घोषणा कर दी है।
पार्टी ने सभी कयासों को दरकिनार करते हुए हल्द्वानी में अपने निवर्तमान मेयर जोगिंदर रौतेला पर ही विश्वाश जताया है। आपके लोकप्रिय अखबार उत्तरांचल दीप ने रौतेला को लेकर पार्टी के इस स्टैंड का खुलासा पहले ही कर दिया था। अब रौतेला पर भी पार्टी की उम्मीदों पर खरा उतरने का दबाव रहेगा। उधर काशीपुर में भी संभावना को सही ठहराते हुए बीजेपी ने उषा चौधरी को ही मैदान में उतारा है। रुद्रपर में रामपाल सिंह, हरिद्वार में अन्नू ककड़ मेयर पद पर पार्टी का चेहरा होंगे। नए बने नगर निगम ऋ षिकेश में अनिता ममगाईं तो कोटद्वार में नीतू रावत को मेयर पद का उम्मीदवार बनाया गया है। पौड़ी में यशपाल बेनाम को भगवा चोला ओढऩे का इनाम पार्टी ने नगर पालिका अध्य्क्ष पद का टिकट देकर दिया है।
राजधानी देहरादून में मेयर पद पर पार्टी ने सुनील उनियाल गामा को टिकट देकर सीएम कैम्प की प्रतिष्ठा को चुनाव से जोड़ दिया है। सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के करीबी और उनकी इकलौती पसंद का सीधा लाभ उन्हें टिकट की दौड़ में मिल गया। सीएम का साथ होने के कारण कुछ मंत्रियों और शहर के विधायकों ने भी उनकी जमकर पैरवी की। ऐसे में कद्दावर दावेदार उमेश अग्रवाल, अनिल गोयल और पुनीत मित्तल गामा के आगे टिकट की दौड़ में पिछड़ गए। टिकट के लिये उनकी देल्ही तक कि दौड़ और संघी नेताओं की परिक्रमा भी काम नही आयी। उमेश अग्रवाल तो विधानसभा चुनाव में भी धर्मपुर सीट से टिकट के मज़बूत दावेदार थे। पार्टी ने उन्हें निकाय चुनाव में प्राथमिकता देने की बात कहकर धर्मपुर से विनोद चमोली को टिकट दे दिया था। पार्टी के भरोसे पर उमेश अग्रवाल अरसे से मेयर पद की तैयारी में जुटे थे, लेकिन उमेश सहित अन्य दावेदारों के कैम्प में फिलहाल निराशा और गुस्से का माहौल है।
गामा के फेवर में सीएम की पसंद के अलावा जातिगत गणित ने भी अहम भूमिका अदा की। गामा को पहाड़ी मूल का दावेदार होने का भी फायदा मिला है। बहराल, दून का टिकट फाइनल करने के समीकरण जो भी रहे हों, मगर अब संगठन ही नहीं सरकार के मुखिया त्रिवेंद्र रावत कैम्प के लिए भी नाक का सवाल बन गया है। साफ है कि अब दून में मेयर पद के चुनाव में पार्टी का चेहरा गामा के पीछे संगठन के साथ सरकार यानि, डबल इंजन की ताकत काम करेगी। प्रतिष्ठा से जुड़ चुके दून के इस रोचक चुनाव में खुद की पसंद को सही साबित करने के लिए सीएम कैम्प ऐडी चोटी का जोर लगाने में पीछे नही रहेगा। कहा जा सकता है कि दून में मेयर पद पर बतौर प्रत्याशी सुनील उनियाल गामा भले ही आगे होंगे, मगर असली चुनाव तो बीजेपी संगठन और सीएम कैम्प मतलब सरकार लड़ेगी और इस अग्निपरीक्षा से उसे गुजरना भी होगा।

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