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डा मधवाल होंगे मत्स्य विभाग के निदेशक

ओली को हटाया, कार्यकारी व्यवस्था का राज खत्म
पर्वतीय क्षेत्रों में मत्स्य पालन को देंगे बढ़ावा
देहरादून। उत्तराखंड के मत्स्य विभाग में सालों से सेटिंग पर चला आ रहा कार्यकारी व्यवस्था का राज आखिरकार अब खत्म हो गया है। हाईकोर्ट के दबाव में सरकार और शासन को लगातार विवादित रहे अफसर जीबी ओली को निदेशक पद हटाना ही पड़ गया है। अब बतौर निदेशक उत्तराखंड मत्स्य विभाग की कमान डा भगवती प्रसाद मधवाल के हाथों में होगी। डा मधवाल इससे पहले उप निदेशक प्रशासनिक पद पर कार्य कर रहे थे और उन्हें मत्स्य विभाग का लंबा अनुभव है।
मत्स्य विभाग में तत्कालीन निदेशक जीबी ओली की नियुक्ति एक लंबे अरसे से विवादों के चलते सुर्खियों में रही है। सूत्रों के अनुसार सरकार और शासन में अच्छी पकड़ के चलते ओली विभागीय निदेशक की पर्याप्त पात्रता न होने के बावजूद लगभग तीन साल तक पद पर बने रहे। निदेशक पद पर उनकी नियुक्ति का यह मामला हाईकोर्ट भी पहुंचा और कोर्ट से नियुक्ति को गलत ठहराया गया, लेकिन शासन स्तर पर उन्हें मत्स्य निदेशक पद से हटाने की कार्यवाही को लगातार टाला जाता रहा। इस बीच, हाईकोर्ट ने इस मामले में एक बार फिर स्पष्ट किया कि विभागीय सर्विस नियमावली के अनुसार निदेशक पद पर तकनीकी पात्रता वाले पात्र व्यक्ति की नियुक्ति ही होनी चाहिए। कोर्ट की ओर से इसे लेकर फरवरी 2018 तक कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा गया, लेकिन सरकार और शासन स्तर पर इसे फिर से टालने की कोशिश होती रही। इस बीच, जब कोर्ट की अवमानना का खतरा बनने लगा तो शासन स्तर पर आनन-फानन में बीपी ओली को निदेशक पद से हटाने के आदेश जारी कर दिए गए। सोमवार को सचिव पशुपालन आर मीनाक्षी सुंदरम ने इस बाबत उप निदेशक डा बीपी मधवाल को निदेशक मत्स्य पद पर पदोन्नत करने के आदेश जारी कर दिए।
इस बीच, डा बीपी मधवाल ने आदेश जारी होते ही बतौर निदेशक मत्स्य पदभार भी ग्रहण कर लिया। उन्होंने पदभार ग्रहण करने के बाद विभागीय अफसरों व कर्मचारियों से मुलाकात भी की। इस मौके पर अनौपचारिक बातचीत में डा मधवाल ने बताया कि जल्द ही वह पर्वतीय क्षेत्रों का सघन दौरा कर पहाड़ों पर मत्स्य पालन को बढ़ावा देकर स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए प्राथमिकता के साथ प्रयास करेंगे। साथ ही मैदानी क्षेत्रों में पहले से चले रही केंद्र सरकार और राज्य सरकार की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर उस पर सख्ती से अमल सुनिश्चित कराने को ठोस कदम उठाएंगे।

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