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गणाई-बनकोट मोटर मार्ग है खस्ताहाल, दुर्घटना का अंदेशा

आठ किमी. का सफर, एक घंटे में होता है तय

सडक़ सुरक्षा समिति धरातल के बजाय कागजों तक सीमित

बेरीनाग। सरकार के लाख कोशिश करने के बाद सडक़ों की हालत ठीक नहीं हो पा रही है। पहाड़ों में होने वाली अधिकांश वाहन दुर्घटनायें सडक़ खराब होने के कारण होती हैं। सडक़ दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सरकार ने जिला और तहसील स्तर पर सडक़ सुरक्षा समिति का गठन भी किया गया है। लेकिन इस समिति की सुरक्षा सिर्फ कागजों में होती दिखाई देती है। लोक निर्माण विभाग बेरीनाग के अधीन गणाई से बनकोट की दूरी मात्र 8 किलोमीटर है लेकिन सडक़ के हाल इतने खराब है कि इस दूरी को पार करने में एक घंटे से अधिक का समय लगने के वाहन चालकों को इस मार्ग में वाहन चलाने में परेशानी तक होती है। खस्ताहाल मार्ग में कई वाहन दुर्घटना में लोगों को जान गंवानी पड़ गयी है लेकिन उसके बाद भी सडक़ की सुध आज तक किसी ने नहीं ली। एक सप्ताह पूर्व ही इस मार्ग में कार दुर्घटना में एक शिक्षक सहित दो लोगोंं की मौत हो गयी थी। सडक़ दुर्घटना के बाद लोक निर्माण विभाग के अपने बचाव के लिए गड्डो में मिट्टी भरने का काम तो किया है लेकिन ये सिर्फ कुछ दिनों के लिए है। सामाजिक कार्यकर्ता मोहन सिंह, नरेन्द्र सिंह ने बताया 8 किमी सडक़ को तय करने में जब एक घंटे का समय लगता है तो इसे पता लगाया जा सकता है कि सडक़ के हालत कैसे होंगेे। सडक़ को ठीक करने की मांग को लेकर कई बार विभागीय अधिकारियों से लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों से मांग की जा चुकी है। लेकिन उसके बाद भी कोई सुध नहीं ले रहा है। यदि भविष्य इस मार्ग में कोई दुर्घटना होती है तो उसके लिए विभाग ही जिम्मेदार रहेगा और विभाग पर हत्या का मुकदमा भी दर्ज करवाया जायेगा।

 

 

सडक़ के सुधारीकरण का आंगणन बनाकर शासन में दिया गया है। शीघ्र स्वीकृति मिलते ही सडक़ के सुधारीकरण कार्य शुरू हो जायेगा। तब तक विभाग के अधिकारियों को सडक़ जहां पर खराब हुई उसे ठीक करने के आदेश दिये गये हंै।
मीना गंगोला, विधायक

 

 

सुरक्षा के कोई उपाय नहीं

बेरीनाग। गणाई-बनकोट मार्ग मेंं सडक़ खस्ताहाल होने के बाद भी विभाग के द्वारा कहीं पर भी सडक़ में खराब होने और वाहन चालकों के लिए कोई चेतावनी बोर्ड मार्क तक नहीं लिखा हुआ है। कुछ स्थानों पर पिलर तो बनाये गये हंै लेकिन वह भी ऊपरी सतह पर हैं। जो सिर्फ दिखावे के लिए है। विभाग को जगह-जगह पर चेतावनी बोर्ड और संदेश तो लिखना चाहिए। जिससे मार्ग में पर चलने वाले वाहनोंं को जानकारी मिल सके।

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