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परिषद भंग करने से कुमाऊं फिल्म सिटी को झटका

हरीश रावत सरकार ने की थी पटवाडांगर में बनाने की घोषणा

सूचना महानिदेशक ने किये हैं परिषद को भंग करने के आदेश

अधिकारियों की लाबी डाल रही थी पटवाडांगर में फिल्म सिटी बनाने में बाधा

चन्द्रेक बिष्ट, नैनीताल। सूचना महानिदेशक डा. पंकज पांडे की ओर से जारी आदेशों के बाद उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद को भंग करने के आदेशों के बाद कुमाऊं के नैनीताल जनपद में स्थित पटवाडांगर में फिल्म सिटी बनाने के प्रयासों को भी झटका लगा है।
2016 में गठित इस समिति के प्रस्ताव पर ही हरीश रावत सरकार ने पटवाडांगर में फिल्म सिटी बनाने की घोषणा की थी। इस समिति के पदेन अध्यक्ष सीएम होते हैं, जबकि इस परिषद में जाने माने फिल्म अभिनेता हेमंत पांडे व गढ़वाल के श्रीकृष्ण नौटियाल को उपाध्यक्ष बनाया गया था। इसके अलावा एक दर्जन से अधिक लोग इसके सदस्य बनाये गये थे। वर्तमान भाजपा सरकार की ओर से यह कह कर उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद को भंग कर दिया गया कि अपने दो वर्ष के कार्यकाल में उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद कोई कार्य नहीं कर पाई। इसका अब दुबारा गठन किया जायेगा। हालांकि इस संबंध में उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद सदस्यों का कहना है कि सरकार द्वारा परिषद को कोई बजट नहीं दिया गया। इसके बावजूद परिषद ने भविष्य में पटवाडांगर में फिल्म सिटी बनाने के लिए महत्वपूर्ण कार्य किये। परिषद के सदस्य सुदर्शन साह ने सीधे आरोप लगाया है कि परिषद को राजनैतिक कारणों से भंग किया है। एक लाबी जिसमें अधिकारी भी शामिल है। वह पटुवाडांगर में फिल्म सीटी बनाने में बाधा डाल रहे है। परिषद की चार बैठकें भाजपा सरकार के आने के बाद हुइ लेकिन परिषद के अध्यक्ष सीएम कभी भी इन बैठकों में नही आये। अब जबकि परिषद का कार्यकाल अभी खत्म भी नही हुआ है तो उसे भंग कर दिया गया है। इसके लिए वह कानूनी लड़ाई भी लड़ेंगे।

 

 

उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद को भंग करने का अधिकार सरकार को है। हमने दो वर्षों तक बिना बजट ही कार्य किया। फिल्म निर्माण मामले में बालीबुड में भी प्रयास किये गये। परिषद ने कुमाऊं के नैनीताल स्थित पटवाडांगर में फिल्म सीटी बनाने के लिए महत्वपूर्ण कार्य किये। इसके अलावा प्रदेश के कलाकारों व फिल्म निर्माण के लिए भी बहुत कुछ सोचा जा रही था। मेरा मानना है कि भविष्य में परिषद का गठन हो उसे सरकार पूरी मदद करे। उत्तराखं डमें फिल्म निर्माण की बहुत संभावना है। इस ओर विशेष ध्यान दिया जाना होगा। खास तौर पर कुमाऊं के नैनीताल स्थित पटवाडांगर में फिल्म सीटी बनाने के प्रयास जारी रखे जाने चाहिए। उत्तराखंड में कलाकारों के लिए भी अभी बहुत कुछ किया जाना है। -हेमंत पांडे, फिल्म अभिनेता व पूर्व उपाध्यक्ष उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद।

 

नई सरकार आने के बाद परिषद के कार्यों में तेजी लाने के लिए परिषद निरंतर प्रयास कर रही थी। इसके बावजूद सरकार द्वारा परिषद को कोई बजट नही दिया गया। परिषद ने कुमाऊं के नैनीताल स्थित पटवाडांगर में फिल्म सीटी बनाने के लिए महत्वपूर्ण कार्य किये। फिल्म सीटी के लिए बहुत काम किये जा चुके है। एक लाबी जिसमें अधिकारी भी शामिल है। वह पटुवाडांगर में फिल्म सीटी बनाने में बाधा डाल रहे है। इससे जाहिर है कि फिल्म सीटी का मामला लटकाया जा सकता है। परिषद को राजनैतिक कारणों से भंग किया है। परिषद की चार बैठकें भाजपा सरकार के आने के बाद हुई लेकिन परिषद के अध्यक्ष सीएम कभी भी इन बैठकों में नही आये। अब जबकि परिषद का कार्यकाल अभी खत्म भी नही हुआ है तो उसे भंग कर दिया या है। इसके लिए वह कानूनी लड़ाई भी लड़ेंगे। सुर्दशन साह पूर्व सदस्य उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद।

 

 

सभी ने कहा है पटवाडंागर को ही बनायेंगे फिल्म सीटी

नैनीताल। उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद् के उपाध्यक्ष हेमंत पांडे व श्रीकृष्ण नौटियाल सहित सभी सदस्यों ने नैनीताल के निकट स्थित 103 एकड़ में फैली पटवाडांगर संस्थान का निरीक्षण करने के बाद कहा था कि कुमाऊं की फिल्म सीटी बनाये जाने के पूरे प्रयास किये जायेंगे। इसके लिए शीघ्र ही सीएम की अघ्यक्षता में बैठक की जायेगी। लेकिन यह अबैठक आज तक नहीर हुई। अब परिषद को भंग करने के ही आदेश हो गये है। पटवाडांगर का निरीक्षण कर आवश्यक जानकारियां हासिल की नैनीताल के निकट पटवाडांगर में 103 एकड़ सरकारी भूमि व 50 से अधिक भवन है। यह क्षेत्र फिल्म अवस्थापना व फिल्म निर्माण के लिए उपयुक्त ही नहीं बल्कि प्राकृतिक सौन्दर्य से भरा पड़ा है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत द्वारा पटवाडांगर में फिल्म सीटी स्थापना की घोषणा के बाद बोर्ड निरंतर प्रयास किया जा रहा थ।

 

अधिकारियों ने भी किया था निरीक्षण

नैनीताल। सरकार के आदेशों के बाद सर्व प्रथम 2016 में सीडीओ व निदेशक पर्यटन व उप निदेशक सूचना इस क्षेत्र का निरीक्षण कर चुके हैं। 17 दिसम्बर 2016 को पुन: सीडीओ प्रकाश चन्द्र ने भी पटवाडांगर का निरीक्षण किया। उप निदेशक पर्यटन जेसी बेरी ने भी पटवाडांगर का निरीक्षण कर कहा था कि क्षेत्र आदर्श फिल्म सीटी बन सकती है। इसके अलावा उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद के उपाध्यक्ष हेमंत पांडे ने भी इसका निरीक्षण किया। उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद के पूर्व सदस्य सुर्दशन साह का कहना है कि पटवाडांगर को फिल्म सीटी बनाने में एक लाबी विरोध कर रही थी। लेकिन भविष्य में पटवाडांगर को फिल्म सीटी बनाने के लिए संघर्ष किया जायेगा।

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