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हाथी दांत के लिए वन विभाग ने जंगल की खाक छानी, कुछ नहीं मिला

डोईवाला/ब्यूरो। तश्करों द्वारा मृतक हाथी के दांत काटकरर ले जाने के मामले में वन विभाग अभी भी अंधेरे में तीर मार रहा है। जिस करण पांच दिन बाद भी उसके हाथ खाली हैं।

वन विभाग के आला अधिकारियों द्वारा थानों वन रेंज के अधिकारियों को हाथी दांत बरामद किए जाने को लेकर जो 72 घंटों का समय दिया था। वो समय लगभग बीत चुका है। और अभी तक हाथी दांत बरामद नहीं किए जा सके हैं। बृहस्पतिवार के दिन भी वन विभाग की टीमों ने जाखन नदी से सटे हुए जंगल में खाक छानी। लेकिन हाथी दांत का कुछ पता नहीं चल पाया।

उल्लेखनीय है कि एयरपोर्ट-थानों मार्ग पर रविवार के दिन 55 नंबर वन चौकी के पीछे जंगल में एक नर हाथी संदिग्ध अवस्था में मृत पाया गया था। और मृतक हाथी के दोनों दांत किसी धारदार हथियार से काटकर तश्कर फरार हो गए थे। खास बात ये रही कि वन चौकी के ठीक पीछे अवैध खनन वाले मार्ग पर इतना बड़ा हाथी मृत पड़ा था। और वन विभाग को इसकी कोई जानकारी नहीं थी। वन विभाग को हाथी के मृत पड़े होने की सूचना भी गांव की एक महिला द्वारा दी गई थी। फिलहाल इस मामले में वन विभाग को कोई सफलता नहीं मिली है। 55 नंबर वन चौकी क्षेत्र अवैध खनन और अवैध शिकार का गढ बन चुका है। उधर इस मामले में अब तक किसी भी अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है। जिससे पता चलता है कि वन विभाग के आला अधिकारी इस मामले में अपने दोषी कर्मचारियों और अधिकारियों को बचाने में जुटे हुए हैं।

सुत्रों का कहना है कि थानों वन रेंज में एक अधिकारी ऐसा है जो जंगल और वन्य जीवों से ज्यादा अवैध खनन में दिलचस्पी लेता है। ये अधिकारी अपने संगठन में एक पदाधिकारी भी है। जिस कारण इसका आज तक कुछ नहीं बिगड़ा है। संगठन में पदाधिकारी होने से व्यस्तता के कारण ऐसे अधिकारियों को ऑफिस में अटैच किया जाना चाहिए था। लेकिन ऐसे अधिकारियों को मलाई चाटने के लिए वन रेंजों में मनचाही जगह दी गई है।

इन्होंने कहा

हाथी दांत बरामद करने के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। इस मामले में दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जयराज, प्रमुख वन सरंक्षक

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