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गजार क्षेत्र में खनन से ग्रामीणों की पेयजल व सिंचाई योजनाएं हुई ध्वस्त

संवाददाता, नैनीताल। विकासखंड रामगढ़ के बड़ैत की सीमा गजार क्षेत्र में खनन रोकने के लिये क्षेत्र के पंचायत प्रतिनिधियों का एक शिष्टमंडल ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन एडीएम बीएल फिरमाल को सौंपा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि बाहरी लोगों द्वारा किया जा रहा खनन नहीं रोका गया तो वह जिला मुख्यालय पहुंचकर आमरण अनशन व आत्मदाह जैसे कदम उठाने को बाध्य होंगे।

ज्ञापन में कहा गया कि ग्राम सभा सीमायल रैकवाल के लिये सड़क निर्माण को वर्ष 2006 में ग्रामीणों ने भूमि विभाग को दी थी। लेकिन गजार क्षेत्र में बाहरी लोगों द्वारा विगत कई समय से अवैधानिक खनन किया जा रहा है। गांव वालों के पेयजल स्रोत बंद हो चुके हैं वर्षा के दौरान मलुवा आने से चाल-खाल भर गये है। वहां बहने वाली नदी से बडै़त सीमायल रैकवाल के काश्तकार अपने खेतों की सिंचाई तक नहीं कर पा रहे हैं। दोनों तरफ मलुवों के ढेर लगे हैं। ज्ञापन में उत्तराखंड भू-जल बोर्ड द्वारा नदी का सर्वे कराने की मांग की गई। ज्ञापन में कहा गया कि खनन के कारण किलौर, भियाल गांव पेयजल योजनायें खतरे में पड़ गई है। ज्ञापन में प्र्रशासनिक टीम के साथ स्वयं स्थल का मौका मुआयना करने की मांग की गई। ज्ञापन में चेतावनी दी गई कि यदि उनकी मांगे नहीं मानी गई तो ग्रामीण जिला मुख्यालय पर आमरण अनशन व आत्मदाह कर लेंगे। जिसकी सारी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी। ज्ञापन में ग्राम प्रधान बड़ैत बहादुर सिंह, ग्राम प्रधान सीमायल बीना रैकवाल, बीडीसी मैम्बर बडैत हंसी देवी, इन्द्रा देवी, भगवती नेगी, दीपा नेगी, गंगा देवी, पूरन सिंह, चन्द्रकला गैलाकोटी, भवान सिंह, सुरेन्द्र सिंह, कमला नेगी, भुवन सिंह अधिकारी, विशन सिंह, निर्मला पांडे सहित तीन दर्जन से अधिक ग्रामीणों ने हस्ताक्षर किये हैं।

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