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रेलवे विभाग की सर्वे टीम देख ग्रामीणों में हडक़ंप

हल्दूचौड़ से टनकपुर के लिए हो रहा सर्वे का कार्य

 

लालकुआं। किच्छा, सितारगंज, खटीमा, टनकपुर नई रेल लाइन निर्माण में किसानों द्वारा भूमि अधिग्रहण में आई तमाम अड़चनों एवं वन विभाग से वन्य जीव सुरक्षा को लेकर बात न बन पाने के बाद रेलवे द्वारा हाथ खड़े कर देने से अब रेलवे ने लालकुआं-काठगोदाम रेल खण्ड के हल्दूचौड़ दौलिया गेट संख्या 45-46 के पास से टनकपुर को नया रेल लाइन सर्वे प्रारम्भ कर दिया है। अचानक सर्वे कम्पनी की टीम के द्वारा रिहायशी एवं किसानों की भूमि में रेल पिलर लगा देने से ग्रामीणों में हडक़ंप मचा हुआ है ।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा बनाये जा रहे फोरलेन में अपनी जमीन गंवाने के बाद परेशान स्थानीय ग्रामीण रेलवे द्वारा वाया चोरगलिया होते हुए टनकपुर तक रेलमार्ग के सर्वे पर सहमा हुआ है। अचानक दो दिनों से किसानों के खेतों में लगाये जा रहे रेलवे पिलर को देखकर किसानों में हडक़ंप मचा हुआ है। सर्वे कम्पनी की इस कार्यवाही के सोशल मीडिया में आने के बाद ग्रामीण लामबंद होने लगे हंै। ग्राम प्रधान राधा कैलाश भट्ट ने बताया कि रेलवे द्वारा जीजीआईसी दौलिया के समीप से टनकपुर को जाने के लिए नई रेलवे लाइन सर्वे का कार्य शुरू कर दिया गया है। पहले चरण में गुपचुप तरीके से पिलर लगाये जा रहे हैं। गांव के कुछ जागरूक लोगों ने इसका विरोध भी किया और रविवार को इसका कार्य रोक दिया। उनके साथ कई ग्रामीणों कहना है कि स्कूल व गांव की आबादी के बीच से रेलवे लाइन जाने से हमारी बालिकाओं को आगे की पढ़ाई जारी रखने में काफी परेशानी होगी। ग्रामीणों का कहना है कि आबादी व स्कूल के बीच से रेलवे लाइन डालना जनहित में में उचित नहीं है। उन्होंने इसके खिलाफ जन आन्दोलन के लिए सभी को एकजुट होने का आह्वान किया। इधर बरेली रोड के ग्रामीणों का कहना है कि हल्दूचौड़ से टनकपुर को रेल लाइन चलने से इस क्षेत्र का जबरदस्त विकास होगा। ग्रामीणों को इसका विरोध छोडक़र रेल विभाग को सहयोग करना चाहिये। उधर पूर्वोत्तर रेलवे इज्जतनगर के जनसंपर्क अधिकारी राजेन्द्र सिंह ने बताया कि गैरसैंण में तत्कालीन रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने चारधाम रेल लाइन परियोजना के साथ किच्छा वाया सितारगंज टनकपुर नई रेलवे लाइन के सर्वे की घोषणा की थी। लेकिन इस सर्वे का काम किसानों के विरोध के चलते नहीं हो पाया था। लेकिन अभी इस योजना की कोई नई जानकारी उपलब्ध नहीं हो पायी है। रेल विभाग के अधिकारी हल्दूचौड़-टनकपुर रेल लाइन के संबंध में कुछ भी कहने से बचते नजर आ रहे हैं। परंतु उक्त क्षेत्र में रेल कर्मियों एवं सर्वे कंपनी की सक्रियता के चलते लगता है कि इस दिशा में कुछ न कुछ काम चल रहा है।

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