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फिलहाल जीएसटी के कारण रूके हैं ऐतिहासिक स्थलों के जीर्णोद्धार कार्य

स्ंावाददाता, नैनीताल। एशियन डवलपमेंट बैंक के सहयोग से नैनीताल में इन दिनों ऐतिहासिक स्थलों व भवनों के जीर्णोद्धार कार्य चल रहे है। प्रथम चरण में यहां तल्लीताल स्थित अंग्रेजी शासनकाल में स्थापित ऐतिहासिक पुस्तकालय भवन का जीर्णोद्धार कार्य चल रहा था। एडीबी पर्यटन विभाग द्वारा नैनीताल के कुछ शौचालयों के अलावा ऐतिहासिक चर्च, मल्लीताल में रैलिंग जीर्णोद्धार का कार्य भी प्रस्तावित है। इन दिनों अभी तक हुए कार्यों के भुगतान में जीएसटी कर के निर्धारण के कारण कई स्थानों में कार्य फिलहाल रोके गये है। एडीबी पर्यटन के अधिकारिक सूत्रों के अनुसार जीएसटी कर का निर्धारण कर दिया गया है। बिलों के भुगतान के बाद ठेकेदार पुन: जीर्णोंद्धार का कार्य शुरू कर देंगे। इन दिनों कई स्थानों में कार्य रोका गया है। नैनीताल में जीर्ण हुए ऐतिहासिक स्थलों व भवनों का जीर्णोद्धार कार्य करवाये जा रहे है। एडीबी से इस मद में 40 करोड़ रूपये की स्वीकृति मिली है। नैनीताल मल्लीताल बैंड स्टैंड का कार्य पूरा कर लिया गया है। दुर्गा लाल साह लाइबे्ररी, डीएसए भवन, पालिका भवन, ताकुला गांधी आश्रम, हिमालय संग्रहालय भवन के अलावा पुराने चर्चों का जीर्णोद्धार कार्य किया जाना है। इन स्थानों में 50 से 75 तक कार्य किया जा चुका है।

मालूम हो कि नैनीताल की खोज 1841 में की गई। इसके बाद 1842 में नैनीताल में प्रथम पिलग्रिम लॉज भवन का निर्माण किया गया। 1858 के आस पास मल्लीताल में सेंट जोन्स चर्च के अलावा सीआरएसटी स्कूल भवन व अन्य चर्चों का निर्माण किया गया। वर्ष 1900 के आस पास यहां राजभवन सहित कई सरकारी भवनों का निर्माण किया गया। सरकारी लापरवाही के कारण यहां कई भवन मरम्मत के लिए भी तरस गये। यहां झील के प्रवाह को रोकने के लिए ब्रिटिश काल में बनाये गये तल्लीताल स्थित डैमवाल बेहद क्षतिग्रस्त हो गये थे। यहां बनाये गये पिलरों की स्थिति बेहद दयनीय हो गई थी। इसे अभियन्ताओं ने बेहद खतरनाक स्थिति में पाया है। बीते वर्ष एडीबी पर्यटन द्वारा इन पिलरों को मजबूत करने का कार्य शुरू पूरा कर लिया गया है। दुर्गालाल साह लाइब्रेरी जो कि 150 वर्ष से पुराना भवन है। उसका जीर्णोद्धार किया जा रहा है। पालिका भवन, डीएसए, फांसी गधेरा बोट हाऊस क्लब के अलावा यहां 1925 में बने अन्य भवनों का जीर्णोद्धार भी प्रस्तावित है। सरकार द्वारा जीएसटी लागू करने के बाद ठेकेदारों के भुगतान में जीएसटी कर निर्धारण नही होने के कारण फिलहाल कार्य रूके हुए है। अधिकारियों का कहना है कि कर निर्धारण करने के बाद भुगतान की कारवाई की जा रही है। इसके बाद जीर्णोद्धार का कार्य शुरू कर दिया जायेगा।

 

जीएसटी कर का निर्धारण कर दिया गया है। बिलों के भुगतान के बाद ठेकेदार पुन: जीर्णोंद्धार का कार्य शुरू कर देंगे। इन दिनों कई स्थानों में कार्य रोका गया है। नैनीताल में जीर्ण हुए ऐतिहासिक स्थलों व भवनों का जीर्णोद्धार कार्य करवाये जा रहे है। एडीबी से इस मद में 40 करोड़ रूपये की स्वीकृति मिली है। नैनीताल मल्लीताल बैंड स्टैंड का कार्य पूरा कर लिया गया है। दुर्गा लाल साह लाइबे्ररी, डीएसए भवन, पालिका भवन, ताकुला गांधी आश्रम, हिमालय संग्रहालय भवन के अलावा पुराने चर्चों का जीर्णोद्धार कार्य किया जाना है। इन स्थानों में 50 से 75 तक कार्य किया जा चुका है। एचएस शर्मा, परियोजना अभियन्ता एडीबी पर्यटन।

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