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डाइबिटीज में आयुर्वेदिक दवायें अत्यधिक कारगर

हल्द्वानी। आजकल डाइबिटीज की समस्या लगातार बढ़ रही है जिसका मुख्य कारण अनियमित खान-पान एवं दिनचर्या है। डाइबिटीज यानि शुगर की समस्या कई बार विकराल रूप धारण कर लेती है एवं यह आंखों पर अपना असर दिखाती है जिसके कारण डाइबिटीज रैटिनोथैरेपी बीमारी का सामना करना पड़ता है।
रैटिनोथेरेपी रोग के बारे मेें जब विश्व प्रांगण आयुर्वेदिक नेत्र चिकित्सालय मुखानी की नेत्र रोग विशेषज्ञ डा. अंकिता गुप्ता से जानकारी ली गयी तो उन्होंने इस रोग से बचाव के लिए अहम बातें बताईं।
डा. अंकिता गुप्ता के अनुसार डाइबिटीज या इससे होने वाली आंखों की परेशानी में आयुर्वेदिक दवायें अत्यधिक कारगर हैं। इसके लिये कुशल आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह लेकर उपचार कराना चाहिये, ताकि समय रहते रोगों से निजात पायी जा सके।

रैटिनोपैथी की संभावना:-
1:-जिन रोगियों को 30 वर्ष पुरानी डाइबिटीज है तो उन्हें 90 प्रतिशत इस रोग की संभावना रहती है।
2:-यदि डाइबिटीज 20 वर्ष पुराना है तो 70 प्रतिशत इस रोग की संभावना रहती है।
3:-यदि डाइबिटीज की समस्या 10 वर्ष पुरानी हो तो 50 प्रतिशत इस रोग की संभावना रहती है।

रैटिनोथैरेपी के लक्षण:-
आंखों की रोशनी धीरे-धीरे कमजोर होना।
आंखों के सामने काले दाग(मच्छर जैसे घूमना)।
आंखों के पीछे परदे मेें खून उतर आना।

डाइबिटीज रैटिनोथैरेपी के कारण:-
दूध से बने पदार्थ का अत्यधिक सेवन दही पनीर खोया आदि।
बिना प्यास बार-बार पानी पीना।
मांसाहार का अत्यधिक सेवन करना।
गुड़ एवं इससे बने पदार्थों का अत्यधिक सेवन करना।
नये गेहूं एवं चावल आदि का सेवन करना।
व्यायाम न करना एक ही जगह पर बैठे रहना।
दिन में खाने के बाद सेाना एवं रात्रि को देर से सोना।

रैटिनोपैथी से बचाव के उपाय:-
इस रोग से बचने के लिए नियमित शुगर की जांच करायें एवं समय पर दवायें लें। यदि डाइबिटीज रैटिनोथेरेपी की समस्या है तो कुशल आयुर्वेदिक चिकित्सक से उपचार करायें। आयुर्वेद में यह दवायें अत्यंत कारगर हैं।
बसंत कुसुमाकर:-लम्बे समय से जो मरीज डाइबिटीज से पीडि़त हैं एवं जिनकी आंखों में इसका असर आ गया है या भविष्य में इसका असर आंखों पर न पड़े। ऐसे रोगियों को एक गोली चौथाई चम्मच हल्दी पाउडर के साथ नाश्ते के बाद लेनी चाहिए।

चन्द्रप्रभा रस:-खाने के पहले एक गोली सुबह शाम लेने से डाइबिटीज कन्ट्रोल में रहती है एवं यह आंखों के लिए भी लाभदायक है।

त्रिफला चूर्ण:-त्रिफला चूर्ण नियमित सेवन करने से आंखों की रोशनी अच्छी रहती है एवं डाइबिटीज कन्ट्रोल में रहती है।

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