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हेमकुंड के लिए यात्रियों का पहला जत्था रवाना

मुनि महाराज ने जत्थेदारों को दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
स्वामी चिदानन्द व केन्द्रिय मंत्री पुरी की हुई भेंटवार्ता
25 मई को खुलने हैं हेकुंड साहिब के कपाट
ऋषिकेश/देहरादून। उत्तराखंड में पांचवें धाम के रूप में पहचान रखने वाले श्री हेमकुंड साहिब के लिए यात्रियों का पहला जत्था मंगलवार को तीर्थनगरी ऋषिकेश से रवाना हुआ। परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज और केन्द्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने श्री हेमकुंड साहिब यात्रा जाने वाले जत्थे को झण्डी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद अग्रवाल व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट भी मौजूद रहे। आपकों बता दें कि हेमकुंड साहिब के कपाट 25 मई को खुलने हैं। इन दिनों सेना और गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के स्वयं सेवक घांघरिया से आगे का बर्फ से ढका मार्ग खोलने में जुटे हुए हैं।
लक्ष्मणझूला मार्ग स्थित गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब से केंद्रीय राज्यमंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पांच सौ यात्रियों के जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने सुखद व मंगलमय यात्रा की कामना करते हुए गुरुद्वारे में मत्था भी टेका और गुरुवाणी का श्रवण किया। केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में चारधाम के साथ श्री हेमकुंड साहिब पांचवें धाम के रूप में देश-दुनिया में पहचान रखता है। कहा कि हेमकुंड साहिब में रोपवे और रेस्क्यू हेलीपैड की जरूरत है, इसके लिए वह केंद्र व राज्य सरकार से बात करेंगे। कहा कि सेवा का दूसरा नाम सिख समाज है। यह समाज सीरिया जैसी जगह में सेवा कर सकता है। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि सरकार यात्रियों की सुविधा के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती महाराज ने यात्रियों से तीर्थस्थलों को प्रदूषणमुक्त और हरित बनाए रखने की अपील की। मुनि महाराज ने कहा कि आजकल स्मार्ट शहरों की बात हो रही है तो इसी तरह ग्रीन स्पिरिचुअल सेन्टर भी खोले जाएं। वहां के सभी महोत्सव, उत्सव, सभी कार्यक्रम पर्यावरण मित्र हो, वहंा पर सोलर ऊर्जा संयत्र हो, जैविक वातावरण, कचरे का सुचारू नियंत्रण, प्लास्टिक का निषेध हो इस प्रकार के हरित आध्यात्मिक सेन्टरों का निर्माण किया जाये। स्वामी महाराज ने कहा कि इस प्रोजेक्ट को लेकर जल्दी ही सभी धर्माचार्यों की दिल्ली में बैठक होने वाली है जिसमें हरित गुरुद्वारा, हरित मन्दिर, हरित चर्च और हरित मस्जिदों का निर्माण किया जाये इस पर कार्ययोजना तैयार की जा रही है। स्वामी महाराज ने यात्रा पर जाने वाले यात्रियों को संदेश दिया कि गुरुवाणी में जल को पिता का, वायु को गुरु का और धरती को माँ का दर्जा दिया गया। उन्होंने कहा कि आज यह जत्था उसी धरती पर जा रहा है जहां पर श्री गुरूगोविंद सिंह जी ने साधना की, उसी सरोवर के तट पर जहां उन्होंने विचरण किया। आप सभी उस धरती पर जायेंगे, दर्शन करेंगे, रहेंगे और कुछ पल बिताएंगे। अत: उस पवित्र स्थान से हम एक संकल्प लेकर लौटे। गुरुवाणी ने जिसका जिक्र इतने महत्व देकर किया है उसे हम प्रदूषित नहीं करेेंगे, धरती माँ को जल विहिन नहीं करेंगे।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने कहा कि यात्रा मार्गों और धामों में यात्रियों के लिए बेहतर प्रबंध किये गए हैं। गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के उपाध्यक्ष नरेंद्र जीत सिंह बिंद्रा ने बताया कि 25 मई से शुरू होने वाली यात्रा की तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। इस अवसर पर गुरुद्वारा मैनेजमेंट ट्रस्ट के प्रबंधक दर्शन सिंह व विधायक पुष्कर सिंह धामी भी उपस्थित थे।

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