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कोटद्वार निकाय के परिसीमन पर सरकार से छह सप्ताह में जवाब मांगा

नैनीताल। उत्तराखंड हाई कोर्ट ने नगर निगम कोटद्वार के परिसीमन को लेकर दायर याचिका में सरकार से छह सप्ताह में जवाब मांगा है। कोर्ट ने कहा है कि परिसीमन की प्रक्रिया दायर याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगा। मामले की अगली सुनवाई 16 फरवरी को होगी। मामले के अनुसार कोटद्वार निवासी व संघर्ष समिति के संयोजक शक्ति शैल कपडवाण ने नगरपालिका के विस्तारीकरण के खिलाफ याचिका दायर करते हुये कहा है कि कोटद्वार के 35 गांवों को प्रस्तावित नगर निगम में शामिल किया जा रहा है। याचिकाकर्ता का यह भी कहना है कि 22 सितम्बर 2017 को सरकार ने शासनादेश जारी कर लोगों से इस संबंध में आपत्ति मांगी थी कि किन गांवों को नगर निगम में शामिल किया जाये या नहीं। लोगों द्वारा अपनी आपत्ति सरकार को दी थी। लेकिन इन आपत्तियों का निस्तारण सरकार ने नहीं किया और 24 अक्टूबर 2017 को इन गांवों को नगरनिगम में शामिल करने के लिये नोटिफिकेशन जारी कर दिया। जिसे हाई कोर्ट में चुनौती दी गई। न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ ने सुनवाई करते हुये सरकार से छह सप्ताह में जवाब पेश करने को कहा है। कोर्ट ने यह भी कहा है कि परिसीमन की प्रक्रिया याचिका के निर्णय के अधीन रहेगी। वहीं दूसरी ओर रसूलपुर, बाबुघर देहरादून को विकासनगर पालिका शामिल करने के 20 नवम्बर 2017 को जारी अंतिम अधिसूचना को ग्राम प्रधान करम चन्द्र व दीपिका देवी ने हाई कोर्ट में चुनौती दी है।

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