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हल्द्वानी: आवास योजना के नाम पर चल रहा बड़ा खेल

हल्द्वानी। इन दिनों शहर में प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर ठगी करने वालों का धंधा चल निकला है। जरूरतमंद लोग कागजों की खानापूर्ति और सरकारी महकमों के चक्कर न लगाने पड़े इस वजह से आसानी से ठगी का शिकार हो जा रहे हैं। दो दिन पूर्व नगर निगम की मोहर और एमएनए के हस्ताक्षर युक्त चेक का बैंक ऑफ बड़ौदा मुख्य शाखा में पहुचने का मामला शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं जब उत्तरांचल दीप ने इस मामले की तह तक जाने का प्रयास किया तो ठगों की पूरी विस्तृत चेन की बात सामने आई है। कमर जहां ने बताया कि मोहल्ले के ही एक जानने वाले युवक ने निगम से प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत लोन दिलवाने की बात कही थी, फाइल पास करवाने के एवज में उसने कमरजहां से 40-50 हजार रुपये भी लिए और शीघ्र चेक देने का वादा भी किया। उन्होंने बताया कि निगम उस व्यक्ति को आसानी से पहचान लेगी जिसने उसे फर्जी चेक दिया है, उस व्यक्ति के पास चेकों की एक मोटी गड्डी थी उसी में से चेक निकाल कर उन्हें थमाया गया। वहीं एक और मजेदार बात सामने आयी है, चेक में तारीख 21 सितम्बर 2018 अंकित है, वहीं चेक मिलने से एक दिन पूर्व उन्हें एफआरसी कार्यालय मल्लीताल, नैनीताल द्वारा एक कागज भेजा गया है जिसमें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लोन स्वीकृत होने के बाबत लिखा गया है। इस कागज की जब उत्तरांचल दीप ने पड़ताल की तो पूरी तरह फर्जी पाया। कागज पर 21 सितम्बर 2018 की तारीख है, इस पर सचिव प्रधानमंत्री आवास योजना के 22 सितम्बर 2018 को हस्ताक्षर किए गए हैं अब सवाल यह है कि जब कागज पर लोन पास होना 22 सितम्बर को दिखाया गया है तो चेक एक दिन पहले यानी 21 सितम्बर को ही कैसे मिल गय। वहीं ध्यान देने वाली बात यह भी है कि कागज किसी नौसिखिए ठग द्वारा तैयार किया गया है क्योंकि उसने जल्दबाजी में पत्र के ऊपर प्रधानमंत्री आवास योजना तो लिख दिया मगर यह देखना भूल गया कि आवास लिखने के बजाय उसने आवाश टाइप कर दिया लेकिन जहां सचिव के हस्ताक्षर हैं वहां पर आवास सही लिखा है। दूसरी गलती यह है कि भेजे गए पत्र के लिफाफे पर एफआरसी कार्यालय तल्लीताल नैनीताल लिखा गया है जबकि पत्र पर कार्यालय का पता मल्लीताल, नैनीताल लिखा गया है। वहीं कागज पर अंकित मोबाइल नम्बर भी ऑफ जा रहा है। फिलहाल अब पूरा मामला निगम के अंदर के ही किसी कर्मचारी की मिलीभगत की ओर इशारा करता दिख रहा है मगर दो दिन बीत जाने के बाद भी निगम ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की। उधर कमरजहां का कहना है कि बैंक में आधार कार्ड जमा करवाया है तब से अभी तक उनके पास कोई कॉल भी नहीं आयी न किसी अधिकारी ने ही कोई पूछताछ की है।

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