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बड़ी खबर। आय प्रमाण पत्र बनाने को शासनादेश जारी, नियम हुए कड़े

हर तरह की आय की देनी होगी जानकारी, गलत जानकारी देने पर होगी कार्रवाई

डोईवाला/ब्यूरो। महीनों से आय प्रमाण पत्र बनाने के लिए तहसीलों के चक्कर काट रहे लोगों के लिए एक बड़ी खबर है। आय प्रमाण पत्र बनाने का शासनादेश जारी कर दिया गया है।

जिससे कल से ही तहसीलों में आय प्रमाण पत्र बनाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। आय प्रमाण पत्र बनाने व दूसरी कई समस्याओं को लेकर लेखपाल संघ से जुड़े लेखपाल आदि ने एक तरह से बीते तीन फरवरी से कार्य बहिष्कार कर रखा था। जिस कारण तहसील द्वारा आय प्रमाण पत्र नहीं बनाए जा रहे थे। इससे आम लोगों खासकर आरटीई के तहत प्राईवेट स्कूलों में अपने बच्चों का दाखिला करवाने वाले अभिभावकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। आय प्रमाण पत्र के लिए कोई स्पष्ट शासनादेश नहीं होने के कारण कई गड़बड़ी सामने आई थी। जिसमें लेखपालों व तहसील कर्मचारियों पर सवाल उठे थे।

इसलिए लेखपाल संघ की मांग थी कि इस पर स्पष्ट शासनादेश जारी किया जाए जिससे उन्हे आय प्रमाण पत्र बनाने में आसानी रहे। सचिव सुशील कुमार ने इस संबध में आयुक्त एंव सचिव, गढवाल/कुमाऊं आयुक्त व सभी जिलाधिकारियों को शासनादेश जारी कर दिया है। इस शासनादेश के बाद आय प्रमाण पत्र के नियमों को काफी कड़ा कर दिया गया है। अब आय प्रमाण पत्र बनवाने वाले व्यक्ति को स्व घोषणा प्रमाण पत्र भरकर देना होगा। जिसमें उसके परिवार के सभी सदस्यों की आय व कुल स्रोतों से आय का स्पष्ट उल्लेख करना होगा। जांच के बाद गलत तथ्य पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।

जानिए आय प्रमाण पत्र बनाने को अब क्या हैं नियम।

डोईवाला। परिवार की आय की गणना करते हुए परिवार की विभन्न स्रोतों से आय जिसमें मुखिया व परिवार के सभी सदस्यों की आय को जोड़ा जाएगा। असंगठित क्षेत्र के मजदूर होने की दशा में मनरेगा के हिसाब से उसकी आय 182 रूपए प्रतिदिन और वार्षिक 18200 मानी जाएगी। कृर्षि की आय, सरकारी, अर्द्धसरकारी व प्राईवेट नौकरी की आय को भी इसमें शामिल किया जाएगा।

सेवानिवृत पेंशन, विधवा, विकलांग, वृद्धा व सभी प्रकार की पेंशनों को भी इसमें शामिल किया गया है। निजी व्यवसाय जैसे डॉक्टर, वकील, आर्किटेक्ट, सीए, मकान या दुकान के आय को भी स्व घोषणा पत्र में भरना होगा। जिसके बाद सक्षम अधिकारी की जांच के बाद ही तहसील द्वारा आय प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। उधर उत्तराखंड लेखपाल संघ ने संघ से जुड़े पदाधिकारियों को जारी पत्र में कहा है कि शासन से वार्ता के बाद आय प्रमाण पत्र व राजस्व संबधी कार्यो में एसआईटी/पुलिस का हस्तक्षेप बंद करने पर सहमति बनी है।

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