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मादक पदार्थ पकडऩे में नैनीताल जिला टॉप पर, सबसे अधिक स्मैक तस्कर आये पुलिस के शिकंजे में

सलीम खान
हल्द्वानी। कुमाऊं का प्रवेश द्वार कहलाने वाला नैनीताल जिला मादक पदार्थ बेचने वालों को पकडऩे में सबसे अव्वल दिखाई दिया। वर्ष 2016 से लेकर 2018 तक के आंकड़ों पर निगाह डालें तो यह आंकड़े और जिलों से अधिक नजर आ रहे हैं। बात करें एसएसपी जन्मेजय खण्डूरी की तो उनका सपना रहा कि जिले को नशामुक्त करा दूं और इसी के चलते स्कूलों व जनता के बीच पहुंचकर एसएसपी ने युवाओं और लोगों से नशे से दूर रहने की अपील की थी। इतना ही नहीं उन्होंने अपने मातहतों को स्मैक, चरस, शराब आदि मादक पदार्थ बेचने वालों के खिलाफ अभियान चलाया था जिसमें पुलिस को सफलता भी मिली। पुलिस ने प्रदेश के सब जिलों से अधिक मादक पदार्थ बेचने वालों को पकडक़र जेल की सलाखों के पीछे भेजा है। इसमें सबसे अधिक स्मैक तस्कर ही पुलिस के हाथ लगे है। गौरतलब है कि 22 सितम्बर 2016 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जन्मेजय खण्डूरी ने नैनीताल जिले का कार्यभार सम्भाला। कार्यभार सम्भालते ही एसएसपी की पहली प्राथमिकता जिले को नशामुक्त कराना थी। एसएसपी की यह मुहिम आखिरकार रंग लायी।
इस मुहिम के तहत एनडीपीएस एक्ट के पूरे जिले में कुल 124 मुकदमे पंजीकृत किए गए हंै जिनमें 130 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा है।

कुल बरामद मादक पदार्थ
1-अफीम 568 किलोग्राम
2-चरस 61. 485 किलोग्राम
3-स्मैक 464. 476 ग्राम
4-हेरोइन 786 ग्राम
5-गांजा 92.122 ग्राम
6-नशीली गोलियां 40

दो साल में 443 लोगों को भेजा जेल
आबकारी अधिनियम में पूरे जिले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 418 मुकदमे पंजीकृत किए हैं जिसमें 443 लोगों को गिरफ्तार करते हुए जेल की हवा खिलाई है। इनके कब्जे से पुलिस ने 24, 267 बोतल देशी शराब, शराब की खाम 1920 बोतल, अंग्रेजी शराब 7306 बोतल, बियर 1435 बोतल बरामद की है। ये आंकड़े सितम्बर 2016 से लेकर 11 अप्रैल 2018 तक के हैं। यह आंकड़े बयां करते हैं कि नैनीताल जिला मादक पदार्थ पकडऩे में सबसे अव्वल है।

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