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मानसरोवर तिब्बत से लौटा चौथा दल भी गुंजी पड़ाव में फंसा

पिथौरागढ़ में हेलीकाप्टर नहीं उडऩे से आठवां दल अल्मोड़ा में रोका
गुंजी पड़ाव में तीसरे व चौथे दल के अब 116 यात्री कर रहे हैं प्रतीक्षा
सभी पड़ावों में यात्रियों के लिए डीएसपीटी संचार सुविधा मुहैया

चन्द्रेक बिष्ट, नैनीताल। सबसे लम्बी दूरी की धार्मिक कैलास मानसरोवर यात्रा का 59 यात्रियों के तीसरे जत्थे के यात्री गुंजी पड़ाव में सेना के हेलीकाप्टरों का इंतजार कर रहा है। बुधवार को कैलास मान सरोवर से लौटकर आया 56 यात्रियों का दल भी गुंजी पहुंच गया है। तीसरा दल बीते चार दिन से गुंजी में फंसा हुआ है। गुंजी में अब 116 यात्री फंसे हुए हैं। पिथौरागढ़ में बुधवार को छियालेख में मौसम खराब रहने के कारण सेना के एमआई-17 हेलीकाप्टर गुंजी नहीं पहुंच पाये। दोपहर तक मौसम सुधरने का इंतजार किया जा रहा था। इन हेलीकाफ्टरों से सातवें दल के 57 यात्रियों को गुंजी पहुंचाया जाना है। इन हालातों को देखते हुए निगम ने आठवें दल के यात्रियों को अल्मोड़ा में रोक लिया है। अधिकारिक सूत्रों से दोपहर तक मिली खबरों के मुताबिक हेलीकाप्टर मौसम खराब होने के कारण दोपहर तक उड़ान नही भर सके। इन्हें मौसम ठीक होने का इंतजार है। मालूम हो कि इससे पूर्व दो दल मानसरोवर की सकुशल यात्रा कर दिल्ली लौट गये हैं जबकि सातवां दल पिथौरागढ़ से अभी तक गुंजी नहीं पहुुंच पाया है। तीसरे व चौथे दल के कुल 116 यात्री गुंजी में पिथौरागढ़ उतरने के लिए हेलीकाप्टरों का इंतजार कर रहा है। अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक सभी यात्री दल सुरक्षित हंै। गुंजी, नाभिढांग, कालापानी पड़ावों में भी पर्याप्त खाद्यान्न की व्यवस्था की गई है। सभी पड़ावों में यात्रियों के परिवारों से बातचीत करने के लिए डीएसपीटी संचार व्यवस्था सुविधा भी मुहैया कराई गई है। मिली जानकारी के मुताबिक बीते दिन को यात्रा का छठा दल लिपूलेख दर्रा पार कर चीन शासित तिब्ब्त में प्रवेश कर चुका है। बीते रोज 58 सदस्यीय इस दल के सभी सदस्यों का गुंजी में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। परीक्षण में एक यात्री के असफल होने पर उसे रोक दिया गया है। इस यात्री को तीसरे व चौथे दल के साथ पिथौरागढ़ पहुंचाया जायेगा। पांचवा दल लिपूलेख दर्रा पार कर चीन के तिब्बत में कैलास मानसरोवर की परिक्रमा कर रहा है जबकि चौथा दल कैलास मानसरोवर की यात्रा कर गुंजी पहुंच गया है। मालूम हो कि दो माह पूर्व बंद हुए नजंग-लखनपुर मार्ग को यात्रियों के गुजरने के लिए खोल दिया गया था। 14 जून को एक मात्र पहले जत्थे के 59 यात्री मार्ग खुलने के बाद नजंग को पार कर आगे निकल गया था। इसके बाद अभी तक छह दलों को हेलीकाप्टरों से गुंजी पहुंचाया गया है।

 

पिथौरागढ़ में बुधवार को छियालेख में मौसम खराब रहने के कारण सेना के एमआई-17 हेलीकाप्टर गुंजी नहीं पहुंच पाये। दोपहर तक मौसम सुधरने का इंतजार किया जा रहा था। इन हेलीकाप्टरों से सातवें दल के 57 यात्रियों को गुंजी पहुंचाया जाना है। इन हालातों को देखते हुए निगम ने आठवें दल के यात्रियों को अल्मोड़ा में रोक लिया है। तीसरे व चौथे दल के 116 यात्री गुंजी में पिथौरागढ़ उतरने के लिए हेलीकाप्टरों का इंतजार कर रहा है। सभी यात्री सुरक्षित हैं। सभी पड़ावों में यात्रियों के परिवारों से बातचीत करने के लिए डीएसपीटी संचार सुविधा भी मुहैया कराई गई है। पिथौरागढ़ में सेना के तीन एमआई-17 हेलीकाप्टर तैनात हैं।
त्रिलोक सिंह मर्तोलिया, महाप्रबंधक कुमंविनि नैनीताल।

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