Home / Agriculture / मौसम की मार: पहाड़ों में सूखे के आंकलन करेगा सरकारी महकमा

मौसम की मार: पहाड़ों में सूखे के आंकलन करेगा सरकारी महकमा

नरेन्द्र देव सिंह, हल्द्वानी। रबी की फसल पर सूखे की मार पडऩा तय है। सरकारी महकमा भी अब सूखे के आंकलन के लिये सर्वे करना शुरू करेगा। नैनीताल जिले के पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश न होने से फसलों पर दुष्प्रभाव पड़ा है हालांकि मैदानी हिस्से में अभी स्थिति ठीक है। इस साल सर्दियों के मौसम में पश्चिमी विक्षोभ कमजोर रहने की वजह से कम बारिश हुयी। उत्तराखंड के नैनीताल जिले में तो सामान्य से काफी कम बारिश हुयी है। रबी की फसल की जब बुआई शुरू हुयी थी तब यह अनुमान लगाया जा रहा था कि मानसून की अच्छी बारिश की वजह से खेतों में नमी बरकरार थी। जिससे रबी की मुख्य फसल गेहूं की अच्छी बुआई हुयी लेकिन बाद में बारिश न होने की वजह से अब सूखे की स्थिति बनने लगी है। कृषि विशेषज्ञों ने पूर्व में अनुमान जताया था कि अगर 15 दिसम्बर तक बारिश नहीं हुयी तो फसलों पर कम बारिश का असर पडऩे लगेगा। इस बार सर्दियों के मौसम में जिले के पर्वतीय क्षेत्रों में नाममात्र की बारिश हुयी। बर्फबारी न होने की वजह से भी फसलों पर सूखे की मार पडऩे लगी। जिला मुख्य कृषि अधिकारी धनपत कुमार ने बताया कि कुमाऊं कमिश्नर चन्द्रशेखर भट्ट ने निर्देश दिये हैं कि कृषि, उद्यान और राजस्व विभाग की टीम गांव-गांव जाकर सूखे के असर का आंकलन करे। बताया कि आंकलन करने के बाद ही पता चलेगा कि बारिश न होने से कृषि और उद्यान में कितना नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि फिर भी पूर्वानुमान है कि इस बार रबी की फसल पर सूखे का असर दिखने की पूरी संभावना है। हालांकि मैदानी क्षेत्रों में सिंचाई की सुविधा होने की वजह से सूखे की मार नहीं दिख रही है।

 

पर्वतीय क्षेत्रों में 90 प्रतिशत कृषि भूमि असिंचित
हल्द्वानी। नैनीताल जिले के पर्वतीय क्षेत्रों में 90 प्रतिशत भूमि असिंचित है। यहां काश्तकार सिंचाई के लिये बारिश पर ही निर्भर रहते हैं। बारिश न होने की सूरत में यहां फसलें चौपट होना तय है। साल 2015-16 में भी रबी की फसल के दौरान सूखा पड़ा था। हालांकि साल 2016-17 में सर्दियों के मौसम में ठीकठाक बारिश और बर्फबारी हुयी थी। लेकिन इस साल रबी की फसल के दौरान फिर से सूखे के आसार दिख रहे हैं।

 
नैनीताल जिले में पाले की समस्या नहीं
हल्द्वानी। नैनीताल जिले के पर्वतीय क्षेत्रों में पाले की समस्या नहीं है जिस वजह से किसानों को राहत है। जिला कृषि अधिकारी धनपत कुमार ने बताया कि यहां पाले का प्रकोप नहीं है। कहा कि अच्छी फसल के लिये केवल बारिश की दरकार है। इसके अलावा फसलों पर मौसम का और कोई दुष्प्रभाव नहीं है।

 

बर्फबारी फसलों के लिये होती है वरदान
हल्द्वानी। नैनीताल जिले के नैनीताल, रामगढ़, ओखलकांडा, मुक्तश्वेर क्षेत्रों में सर्दियों के सीजन में अच्छी बर्फबारी होती है। बर्फबारी के चलते जमीन में काफी दिनों तक नमी रहती है और यह फसलों के लिये काफी फायदेमंद होती है लेकिन इस बार बर्फबारी न होने से काश्तकार मायूस हैं।

 
फिलहाल बारिश के आसार नहीं
हल्द्वानी। मौसम विभाग के अनुसार नैनीताल जिले में फिलहाल बारिश के आसार नहीं हैं। हालांकि बादल छाये हुये हैं जिससे मामूली बूंदाबांदी हो सकती है। गौरतलब है कि इस बार सर्दियों के मौसम में यहां पर सामान्य से 90 प्रतिशत कम बारिश हुयी है।

About saket aggarwal

Check Also

थत्यूड़: आग से गेहूं की फसल राख

थत्यूड़। जौनपुर विकासखंड में सिलवाड़ पट्टी के परोगी गांव के समीप खेत में आग लगने …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *