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नैनीताल से ज्वायनिंग लीव पर गये कार्डियोलॉजिस्ट ने बीआरएस लेकर छोड़ दी नौकरी

चन्द्रेक बिष्ट, नैनीताल। हाई कोर्ट के निर्देश पर बीडी पांडे अस्पताल में तैनात किये गये देहरादून में कार्यरत राज्य के सरकारी कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. केबी जोशी चार्ज लेने के बाद चार माह पूर्व ज्वायनिंग लीव पर गये थे, वह अभी तक नहीं लौटे हैं। अस्पताल के सूत्रों के अनुसार डॉ. जोशी ने बीआरएस लेकर नौकरी छोड़ दी है। अब सूरतेहाल यह है कि स्वास्थ्य विभाग के पास एक मात्र कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अनुपम चतुर्वेदी हरिद्वार में तैनात हैं। वीआईपी शहर नैनीताल में ईजीसी तकनीशियन ही काम चला रहे हैं। हृदय रोग से संबंधित रोगी हायर सेंटर रेफर किये जा रहे हैं। कार्डियोलॉजिस्ट की तैनाती कब होगी इसके लिए विभाग के पास कोई जवाब नहीं है। एक वरिष्ठ चिकित्सक ने बताया कि कार्डियोलॉजिस्ट के लिए देहरादून में एक चिकित्सक द्वारा साक्षात्कार दिया गया है। सम्भवत: फरवरी में यह तैनाती हो सकती है। बीडी पांडे अस्पताल के अधिकारिक सूत्रों के अनुसार नैनीताल बीडी पांडे अस्पताल में पूर्व में कार्डियोलॉजिस्ट की तैनाती कर दी गई थी। लेकिन कार्डियोलॉजिस्ट ने वीआरएस ले लिया है। ईजीसी तकनीशियन से ही काम चला रहे हैं। कार्डियोलॉजिस्ट की तैनाती के लिए शासन से मांग की गई है। इस समय विभाग के पास हरिद्वार में ही एकमात्र कार्डियोलॉजिस्ट तैनात हैं। भवाली सेनिटोरियम में बड़े अस्पताल निर्माण का प्रस्ताव है। यहां कार्डियोलॉजिस्ट की तैनाती होगी।
मालूम हो कि बीते वर्ष जून माह में नैनीताल के बीडी पांडे अस्पताल में सुविधाओं को लेकर दायर एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने नैनीताल में हर हाल में कार्डियोलॉजिस्ट तैनात करने के सख्त निर्देश दिये थे। तब कोर्ट में पेश हुए प्रदेश के अपर सचिव स्वास्थ्य डॉ. पंकज पांडे ने कोर्ट को बताया कि राज्य में केवल दो सरकारी कार्डियोलॉजिस्ट हैं। देहरादून में तैनात कार्डियोलॉजिस्ट को हाई कोर्ट के निर्देश पर बीडी पांडे अस्पताल नैनीताल में तैनात करने के आदेश कर दिये हैं। कोर्ट ने कहा था कि सरकारी कार्डियोलॉजिस्ट तीन दिन नैनीताल व तीन दिन देहरादून में अपनी सेवाएं देंगे। सुनवाई के दौरान कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. केपी जोशी दून चिकित्सालय में तैनात थे। छह जून को उन्होंने नैनीताल पहुंचकर बीडी पांडे अस्पताल नैनीताल में तैनाती दे दी। डॉ. जोशी ने शासन के दबाव में नैनीताल में ज्वायनिंग तो दे दी लेकिन वह ज्वायनिंग लीव में चले गये। इसके बाद वह नहीं लौटे। आखिरकार उन्होंने विभाग से वीआरएस ले लिया। अब हालत यह है कि प्रदेश की राजधानी देहरादून सहित नैनीताल व अन्य जिलों के सरकारी अस्पताल कार्डियोलॉजिस्ट विहीन हो गये हैं। यहां यह भी बता दें कि नैनीताल में बीडी पांडे चिकित्सालय में केवल ईजीसी मशीन से हृदय रोगियों का परीक्षण हो रहा है। इलाज के लिए उन्हें हायर सेंटर रेफर किया जा रहा है।
बीडी पांडे अस्पताल में पूर्व में कार्डियोलॉजिस्ट की तैनाती कर दी गई थी लेकिन कार्डियोलॉजिस्ट ने वीआरएस ले लिया है। ईजीसी तकनीशियन से ही काम चला रहे हैं। कार्डियोलाजिस्ट की तैनाती के लिए शासन से मांग की गई है। इस समय विभाग के पास हरिद्वार में ही एक मात्र कार्डियोलॉजिस्ट तैनात हैं। भवाली सेनिटोरियम में बड़े अस्पताल निर्माण का प्रस्ताव है। यहां कार्डियोलॉजिस्ट की तैनाती होगी।
-डॉ. तारा आर्या, प्रमुख चिकित्साधीक्षक बीडी पांडे अस्पताल नैनीता

 

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