Breaking News
Home / Breaking News / पंच केदार: रुद्रप्रयाग जिलेे में स्थित भगवान शिव के पांच धाम

पंच केदार: रुद्रप्रयाग जिलेे में स्थित भगवान शिव के पांच धाम

रुद्रप्रयाग। पंच केदार रुद्रप्रयाग जिले में स्थित पांच केदार हैं।  पंचकेदार (पाँच केदार) हिन्दुओं के पाँच शिव मंदिरों का सामूहिक नाम है। ये मन्दिर भारत के उत्तराखण्ड राज्य के गढ़वाल क्षेत्र में स्थित हैं। इन मन्दिरों से जुड़ी कुछ किंवदन्तियाँ हैं जिनके अनुसार इन मन्दिरों का निर्माण पाण्दवों ने किया था।

उत्तराखंड कुमाउँ-गढ्वाल और नेपाल का डोटी भाग में असीम प्राकृतिक सौंदर्य को अपने गर्भ में छिपाए, हिमालय की पर्वत शृंखलाओं के मध्य, सनातन हिन्दू संस्कृति का शाश्वत संदेश देनेवाले, अडिग विश्वास के प्रतीक केदारनाथ और अन्य चार पीठों सहित, नव केदार के नाम से जाने जाते हैं। श्रद्धालु तीर्थयात्री, सदियों से इन पावन स्थलों के दर्शन कर, कृतकृत्य और सफल मनोरथ होते रहे हैं।

 

केदारनाथ


केदारनाथ मंदिर समुद्र तल से ३५८३ मीटर की ऊंचाई पर है। यह मुख्य केदारपीठ है। इसे पंच केदार में से प्रथम कहा जाता है। पुराणों के अनुसार, महाभारत का युद्ध खत्म होने पर अपने ही कुल के लोगों का वध करने के पापों का प्रायश्चित करने के लिए वेदव्यास जी की आज्ञा से पांडवों ने यहीं पर भगवान शिव की उपासना की थी। यहाँ पर महिषरूपधारी भगवान शिव का पृष्ठभाग यहा शिलारूप में स्थित है।

 

मध्यमहेश्वर


मध्यमहेश्वर मंदिर समुद्र तल से ३४९० मीटर की ऊंचाई पर है।इन्हें मनमहेश्वर या मदनमहेश्वर भी कहा जाता हैं। इन्हें पंच केदार में दूसरा माना जाता है। यह ऊषीमठ से 18 मील दूरी पर है। यहां महिषरूपधारी भगवान शिव की नाभि लिंग रूप में स्थित है। पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान शिव ने अपनी मधुचंद्र रात्रि यही पर मनाई थी। यहां के जल की कुछ बूंदे ही मोक्ष के लिए पर्याप्त मानी जाती है।

तुंगनाथ


तुंगनाथ मंदिर समुद्र तल से ३६८० मीटर की ऊंचाई पर है। इसे पंच केदार का तीसरा माना जाता हैं। केदारनाथ के बद्रीनाथ जाते समय रास्ते में यह क्षेत्र पड़ता है। यहां पर भगवान शिव की भुजा शिला रूप में स्थित है। कहा जाता है कि इस मंदिर का निर्माण भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए स्वयं पांडवों ने करवाया था। तुंगनाथ शिखर की चढ़ाई उत्तराखंड की यात्रा की सबसे ऊंची चढ़ाई मानी जाती है।

 

रुद्रनाथ


रुद्रनाथ मंदिर समुद्र तल से २२८६ मीटर की ऊंचाई पर है। यह पंच केदार में चौथे हैं। यहां पर महिषरूपधारी भगवान शिव का मुख स्थित हैं। तुंगनाथ से रुद्रनाथ-शिखर दिखाई देता है पर यह एक गुफा में स्थित होने के कारण यहां पहुंचने का मार्ग बेदह दुर्गम है। यहां पंहुचने का एक रास्ता हेलंग (कुम्हारचट्टी) से भी होकर जाता है।

 

कल्पेश्वर


कल्पेश्वर मंदिर समुद्र तल से २२०० मीटर की ऊंचाई पर है। यह पंच केदार का पांचवा क्षेत्र कहा जाता है। यहां पर महिषरूपधारी भगवान शिव की जटाओं की पूजा की जाती है। अलखनन्दा पुल से 6 मील पार जाने पर यह स्थान आता है। इस स्थान को उसगम के नाम से भी जाना जाता है। यहां के गर्भगृह का रास्ता एक प्राकृतिक गुफा से होकर जाता है।

About saket aggarwal

Check Also

पांच वर्ष की बच्ची के साथ दुष्कर्म के आरोपी को जेल भेजा

डोईवाला/ब्यूरो। कोतवाली पुलिस ने पांच वर्ष की बच्ची के साथ दुष्कर्म के मामले में एक …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *