Home / Breaking News / प्रवासी सांसदों को मोदी मंत्र: हमने आर्थिक एकीकरण किया, 3 करोड़ नए उद्यमी दिए
फाइल फोटो

प्रवासी सांसदों को मोदी मंत्र: हमने आर्थिक एकीकरण किया, 3 करोड़ नए उद्यमी दिए

नई दिल्ली (एजेंसी)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को प्रवासी भारतीय केंद्र में पीआईओ संसदीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस सम्मेलन में 23 देशों के 124 सांसद और 17 मेयर के शामिल हुए।

लाइव अपडेट्स –

– मोदी ने यहां विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की जमकर तारीफ की। उन्होंने बताया कि सुषमा जी 24*7 भारतीय नागरिकों की मदद करती हैं।
– पीएम मोदी बोले कि प्रथम और दोनों विश्वयुद्ध में भारतीय सैनिकों ने योगदान दिया, सयुंक्त राष्ट्र की शांति आर्मी में भी भारतीय सबसे आगे हैं। उन्होंने बताया कि मैं अपने हर विदेशी दौरे पर वहां रहने वाले भारतीयों से जरूर मुलाकात करता हूं। क्योंकि असली एबेंसेडर वहीं हैं।
– पीएम मोदी ने कहा कि मैंने कुछ समय पहले योग दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा था, जिसका भरपूर समर्थन मिला था। उन्होंने कहा कि जब नेपाल में भूकंप आया, तो भारत ने कदम उठाए और मदद की।
– अप्रवासी भारतीय सांसदों से पीएम ने कहा कि जैसा पहले था, वैसे ही चलता रहेगा, कुछ बदलेगा नहीं, इस सोच से भारत अब बहुत आगे बढ़ चुका है। भारत के लोगों की आशाएं-आकांक्षाएं इस समय उच्चतम स्तर पर हैं। व्यवस्थाओं में हो रहे संपूर्ण परिवर्तन का, irreversible change का परिणाम आपको हर सेक्टर में नजर आएगा।

– अप्रवासी भारतीय सांसदों से पीएम ने कहा कि आप लोग लंबे समय से अलग-अलग देशों में रह रहे हैं। आपने अनुभव किया होगा कि पिछले तीन-चार वर्षों में भारत के प्रति नजरिया बदल गया है। हम पर फोकस बढ़ रहा है, विश्व का हमारे प्रति नजरिया बदल रहा है, तो इसका मुख्य कारण यही है कि भारत स्वयं बदल रहा है, ट्रांसफॉर्म हो रहा है।
– अप्रवासी भारतीय सांसदों पीएम ने कहा कि राजनीति की बात करूं तो, मैं देख ही रहा हूं कि कैसे भारतीय मूल की एक Mini world Parliament मेरे सामने उपस्थित है। आज भारतीय मूल के लोग मॉरीशस, पुर्तगाल और आयरलैंड में प्रधानमंत्री हैं। भारतीय मूल के लोग और भी बहुत से देशों में Head of State और Head Of Govenment रह चुके हैं। पिछले सालों में भारत में विदेशी निवेश में काफी इजाफा हुआ है। पिछले तीन-चार सालों में दुनिया का फोकस दुनिया पर बढ़ा है।
– अप्रवासी भारतीय सांसदों पीएम ने कहा कि यह कोई आश्चर्य की बात नहीं कि भारतीय मूल के प्रवासी जहां भी गए, वहीं पूरी तरह Integrate हो कर, उस जगह को अपना घर बना लिया। उन्होंने जहां एक तरफ खुद में भारतीयता को जीवित रखा, तो दूसरी तरफ वहां की भाषा, वहां के खान-पान, वहां की वेश-भूषा में भी पूरी तरह घुल-मिल गए।

About saket aggarwal

Check Also

थत्यूड़: आग से गेहूं की फसल राख

थत्यूड़। जौनपुर विकासखंड में सिलवाड़ पट्टी के परोगी गांव के समीप खेत में आग लगने …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *