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राज्य आंदोलनकारी को प्रमोशन न मिला तो होगा सत्याग्रह

परिवहन निगम में तैनात महिला आंदोलनकारी की उपेक्षा से भड़के,
परिवहन मंत्री को ज्ञापन भेज दी आंदोलन की चेतावनी
हल्द्वानी। चिह्निïत राज्य आंदोलनकारी समिति की बैठक में आउट ऑफ टर्न प्रमोशन दिये जाने के मामले में राज्य आंदोलनकारी की उपेक्षा का मामला उठाया गया। समिति ने परिवहन मंत्री को भी ज्ञापन सौंप प्रमोशन न दिये जाने पर रोडवेज के जीएम संचालन कार्यालय पर सत्याग्रह की चेतावनी दी है।
समिति की बैठक में केंद्रीय महामंत्री नवीन नैथानी ने बताया कि समिति की महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष लीला बोरा रोडवेज के भवाली डिपो में बीसी के पद पर कार्यरत हैं। बताया गया कि लीला ने वर्ष 1994 से 97 तक राज्य आंदोलन में सक्रिय भागीदारी की थी। इस दौरान वह छह माह जेल में भी रही। राज्य निर्माण के बाद वह आंदोलनकारी के तौर पर चिह्निïत हुई। वर्ष 1998 में उनके पति जेएस बोरा का निधन हो गया। इस पर मृतक आश्रित कोटे में लीला को बीसी के पद पर नियुक्ति मिल गई। केंद्रीय प्रवक्ता प्रकाश पांडे व संगठन मंत्री फजल खान ने बताया कि राज्य निर्माण के 17 साल बाद भी लीला को अब तक राज्य आंदोलनकारी का लाभ नहीं मिल पाया और न ही 23 सालों से परिवहन निगम में सेवारत रहते हुए प्रमोशन मिला। इससे राज्य आंदोलनकारियों में रोष है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में परिवहन मंत्री यशपाल आर्य को ज्ञापन सौंपकर लीला को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन दिये जाने की मांग उठाई गई है। समिति पदाधिकारियों ने चेताया कि यदि प्रमोशन न दिया गया तो निगम के जीएम संचालन कार्यालय पर सत्याग्रह किया जाएगा। ज्ञापन में समिति की महिला प्रकोष्ठ की केंद्रीय अध्यक्ष सावित्री नेगी, रश्मि चमोली, मीरा रतूड़ी, मधु नौटियाल, सुंदर सिंह नेगी, पान सिंह सिजवाली, ललितमोहन जोशी, जानकी प्रसाद, लाखन चिलवाल, कुंदन परिहार, लक्ष्मीनारायण लोहन, पूरन मेहरा, कंचन चंदोला, नवीन जोशी आदि के हस्ताक्षर हैं।

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