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अघोषित हड़ताल पर गए राज्यकर्मी, कामकाज प्रभावित

पूर्ण कार्यबहिष्कार और क्रमिक अनशन कार्यक्रम शुरु
सरकार के खिलाफ की जमकर नारेबाजी
देहरादून। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की हाईपावर कमेटी के आह्वान पर कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज कर दिया है। शुक्रवार से पूर्ण कार्यबहिष्कार के साथ ही कर्मचारियों ने अघोषित हड़ताल शुरु कर दी है। प्रदेशभर में राज्य कर्मचारी हाजिरी लगाने के बाद पूर्ण कार्यबहिष्कार पर रहे। राजधानी देहरादून में राज्य कर्मचारियों के पूर्ण कार्यबहिष्कार से विकास भवन और लोनिवि आदि अन्य विभागों में कामकाज पर असर पड़ा। उधर, सचिवालय में परिषद से जुड़े कर्मचारी नेताओं ने क्रमिक अनशन का भी श्रीगणेश किया। राज्य कर्मियों का यह पूर्ण कार्य बहिष्कार कार्यक्रम 7 दिसंबर तक चलेगा।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार राज्य कर्मियों ने पूर्ण कार्य बहिष्कार कर कामकाज ठप रखा, और अपने कार्यालयों के बाहर एकत्र हो गए। जुलूस की शक्ल में राज्य कर्मचारी पहले विकास भवन और फिर सचिवालय गए। विकास भवन में जोरदार प्रदर्शन के साथ ही सभा का आयोजन भी किया गया। परिषद के प्रांतीय प्रवक्ता अरुण पांडे ने बताया कि विकास भवन में लंबित मांगों के समर्थन में डीएस असवाल की अध्यक्षता में सभा का आयोजन किया गया। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि पिछले तीन माह से लंबित मांगों के निस्तारण के लिए कर्मचारी आंदोलन कर रहे हैं। शासन में कई दौर की वार्ता और कई बार सरकार को ज्ञापन भी दिए गए, लेकिन सरकार ने उनकी न्यायोचित मांगों को पूरा नहीं किया।
इधर, परिषद के घोषित कार्यक्रम के अनुसार प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर प्रह्लाद सिंह, महामंत्री प्रदीप कोहली, देहरादून जिलाध्यक्ष ओमवीर सिंह व जिला महामंत्री पीएल बडोनी सचिवालय में क्रमिक अनशन पर बैठे। इस अवसर पर परिषद के प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर प्रहलाद सिंह ने कहा कि एक तरफ 27 नवंबर को मुख्य सचिव के साथ हुई वार्ता में विभिन्न बिंदुओं पर सहमति बनाई गई है, वहीं दूसरी ओर शासन के वित्त विभाग ने वाहन भत्ते व एरियर की समीक्षा कर कर्मचारियों के शोषण का अधिकार आहरण वितरण अधिकारियों को दे दिया गया है, जिससे शासन की मंशा पर प्रश्नचिह्न लग गया है। उन्होंने मांग की कि मुख्यमंत्री अपनी अध्यक्षता में बैठक बुलाकर परिषद की मांगों के निस्तारण को तत्काल हस्तक्षेप करें।
ठाकुर प्रहलाद सिंह का कहना है कि मौजूदा सरकार से कर्मचारियों को कोई नाराजगी नहीं है। सरकार से मांग है कि पिछली सरकार ने जो एसीपी की व्यवस्था में बदलाव किया है, उसमें सुधार किया जाए। महामंत्री प्रदीप कोहली ने कहा कि सरकार से यही मांग है कि वो एसीपी की पूर्व व्यवस्था बहाल करने के साथ ही वेतन विसंगति समिति की रिपोर्ट को सार्वजनिक करें। यू हेल्थ कार्ड सेवा का लाभ हर राजकीय कर्मचारियों को उपलब्ध कराया जाए। मांगे पूरी न होने पर कर्मचारियों का आंदोलन जारी रहेगा। प्रवक्ता अरुण पांडे ने कहा कि सात दिसंबर तक कर्मचारी पूर्ण कार्य बहिष्कार पर रहेंगे।

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