Home / Breaking News / रामनगर के सरकारी अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट की सेवाएं ठप

रामनगर के सरकारी अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट की सेवाएं ठप

रामनगर। रामदत्त जोशी राजकीय संयुक्त चिकित्सालय में मरीजों को भारी परेशानियों का सामना उठाना पड़ रहा है। एक ओर जहां चिकित्सकों की भारी कमी है वहीं दूसरी ओर अस्पताल में अल्ट्रा सांउड नहीं होने से मरीजो को काफी दिक्कतो का सामना करना पड़ रहा है। डिप्टी रजिस्ट्रार राज्य आयुर्विज्ञान परिषद ने राज्य में फर्जी डिग्री होने के कारण सात विशेषज्ञ डा. की प्रैक्टिस पर रोक लगा दी है। जिसमें रामनगर चिकित्सालय मे तैनात रेडियोलोजिस्ट डा. टीके पंत भी शामिल हैं। उनके द्वारा अब रेडियोजलोजिस्ट का कार्य नहीं किए जाने की सूचना उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है।
उत्तराखंड राज्य गठन के बाद राज्य में कोई भी मेडिकल कॉलेज नहीं था। विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को देखते हुए उत्तराखण्ड सरकार ने अपने खर्चे पर राज्य के कुछ चिकित्सकों को यूपी के कॉलेजों से पीजी कराया। ऐसे कॉलेज आवंटित कर दिए जिन्हें उस साल एमसीआई की मान्यता नहीं थी। इसमे रेडियोलोजिस्ट, एनेस्थेटिस्ट, कार्डियोलोजिस्ट, बालरोग विशेषज्ञ सहित कई विशेषज्ञ श्रेणी के डा. शामिल थे। उत्तराखण्ड सरकार से चूक हुई की यूपी के कॉलेजों का स्टेट्स चेक नहीं किया। जिसके चलते अब रुद्रप्रयाग के सीएमओ डा. शम्भु कुमार झा, डा. टीके पन्त रामनगर, डा. मनीष दत्त हरिद्वार, डा. एनएच गुंज्याल पिथौरागढ़, डा. मनोज उप्रेती हरिद्वार, डा. प्रकाश कापड़ी, डा. एनके खण्डूरी निजी प्रैक्टिस की पीजी मान्याता रद्द कर दी है। लेकिन यह सभी चिकित्सक सामान्य एमबीबीएस के तौर पर ही काम कर सकेंगे। गहराई से जांच हुई तो राज्य में कई विशेषज्ञ चिकित्सकों की पीजी डिग्री बिना मान्यता वाले कॉलेज की हो सकती है और कई और विशेषज्ञ डॉक्टर अपने विशेषज्ञता के पद से हटाए जा सकते हैं।
उत्तराखण्ड सरकार की लापरवाही के चलते प्रदेश के सात रेडियोलोजिस्ट को इसका खमियाजा भुगतना पड़ रहा है। रामनगर संयुक्त चिकित्सालय में तैनात रेडियोलोजिस्ट डा. टीके पंत भी उनमें से एक है। उन्होंने नैनीताल सीएमओ को पत्र भेजकर अल्ट्रासांउड करने से इनकार कर दिया। सरकारी अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डा. जितेंद्र भट्ट ने बताया कि रेडियोलोजिस्ट डा. टीके पंत के मामले मे शासन को ही निर्णय लेना है। सरकारी अस्पताल में आज गर्भवती महिलाएं एवं सामान्य मरीजों को अल्ट्रा सांउड कराने के लिये इधर-उधर भटकना पड़ा। इस मामले में सीएमओ भारती राणा ने बताया कि शासन का आदेश ऐसा ही आया है। उन्होंने बताया कि इस समय प्रदेश में रेडियोलोजिस्ट की भारी कमी है ऐसे में रेडियोलोजिस्ट को हटाने से अस्पताल में भारी परेशानी आ जायेगी।

 

About saket aggarwal

Check Also

किच्छा:गोल्ड मेडल जीतकर पहुंचे कराटे चैम्पियनों का स्वागत

किच्छा। ऑल इंडिया एंड इंडो नेपाल इंटरैनेशनल ओपन कराटे चैम्पियनशिप 2018 प्रतियोगिता में गोल्ड मैडल …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *