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रोजगार का बेहतर विकल्प बेमौसमी सब्जियां

भूपेश कन्नौजिया/हल्द्वानी। केन्द्रीय शीतोष्ण बागवानी संस्थान मुक्तेश्वर के प्रधान वैज्ञानिक प्रो. राजनारायण ने बताया कि पॉलीहाउस के अंदर कुमाऊं क्षेत्र के मध्य व ऊंचे पर्वतीय इलाकों में बेमौसमी एवं उच्च मूल्य की सब्जियों खासकर चेरी टमाटर, लेट्यूस, ब्राकली, शिमला मिर्च, टमाटर, खीरा, पार्थेनोकारपिक खीरा, आदि की खेती अति लाभदायक है। मुक्तेश्वर एवं आसपास के इलाकों में इनकी खेती पॉलीहाउस के अंदर बेमौसमी तौर पर गर्मी व वर्षा के मौसम में भली भांति की जा सकती है। चेरी टमाटर आम टमाटर की प्रजाति से आकार में छोटे होते हंै। इसकी खेती भी आम टमाटर की तरह ही करते हैं, परंतु इसमें कटाई-छंटाई एवं सहारा देने की अधिक जरूरत होती है। यह एक सोलेनेसी कुल की फल वाली सब्जी है जिसका वानस्पतिक नाम सोलेनम लाइकोपरसिकम जाति सेरेसीफॉरमी है। इसके फल विभिन्न आकार-प्रकार (गोल, लंबाकार, छुआरा एवं नाशपाती के आकार आदि) एवं रंग (लाल, लालिमा लिए हुए, सुनहरे पीले, हल्के व गहरे लाल, बैंगनी आदि) के होते हैं। इसका उपयोग खासकर अभिजात वर्ग एवं बड़े होटलों में अधिक एवं बहुमुखी भोजन के रूप में होता है। इससे विभिन्न प्रकार के व्यंजन बनाये जाते हैं। चेरी टमाटर बच्चों और बड़ों दोनों के लंच बॉक्स में एक स्वस्थ एवं स्वादिष्ट भोजन हो सकता है। इसके फलों को सलाद, स्नैक्स, सूप, सॉस, पिज्जा, पास्ता इत्यादि के रूप में खाते हैं। चेरी टमाटर के फलों में विटामिन्स (ए, बी, सी, आदि) खनिज (पोटेशियम, मैग्नीज, फोलेट आदि) प्रचुर मात्रा में पाये जाते हैं। इसके फलों में लाइकोपीन नामक एक शक्तिशाली एंटी ऑक्सीडेन्ट पाया जाता है जो कि हृदयाघात एवं कैंसर जैसी घातक बीमारियों को रोकने में मदद करता है। चेरी टमाटर की खेती कम ठंडे व कम आर्द्रता वाले स्थानों पर खासकर पॉलीहाउस के अंदर सफलता पूर्वक की जाती है। मुक्तेश्वर एवं आसपास के इलाकों में इसकी खेती पॉलीहाउस के अंदर मार्च से नवम्बर तक आसानी से की जा सकती है। पर्यटन स्थलों पर इसकी कार्बनिक खेती अत्यंत लाभदायक है। इसके पौधों को गमलों, बालकनी, टैरेस आदि में भी लगाया जा सकता है। चेरी टमाटर के उच्च गुणवत्ता वाले बीज से तैयार पौध की वैज्ञानिक ढंग से की गयी खेती से तकरीबन 7 से 10 कुतल उपज प्रति 100 वर्ग मी. पॉलीहाउस क्षेत्र से प्राप्त हो सकती है जिससे कि औसतन 75 हजार से एक लाख रुपये तक की आमदनी प्रति फसल हो सकती है। दिल्ली, मुम्बई, बंगलुरू आदि जैसे महानगरों एवं पर्यटन स्थलों में चेरी टमाटर के फलों का मूल्य रु 100 से 150 प्रति किग्रा. एवं कभी-कभी तो इससे भी अधिक होता है। अत: पॉलीहाउस में चेरी टमाटर की खेती करना एक बुद्धिमत्तापूर्ण लाभदायक निर्णय रहेगा।

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