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800 करोड़ की लागत से होगा रोपवे का निर्माण

उत्तरांचल दीप ब्यूरो, नैनीताल। प्रदेश के पर्यटन सचिव दलीप जावलकर ने यहां पत्रकारों से बातचीत करते हुये बताया कि रानीबाग नैनीताल, कालाढूंगी-नैनीताल, देहरादून-मसूरी में रोपवे स्थापित करने के लिये कार्य शुरू कर दिया गया है। इस क्रम में उन्होंने रानीबाग में भूमि आदि का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि नैनीताल में ट्रैफिक समस्या को देखते हुये रानीबाग से नैनीताल तक रोपवे की जरूरत महसूस की जा रही है। नैनीताल में लगभग 800 करोड़ रुपये लागत से रोपवे का निर्माण किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में होम स्टे योजना चलाई जा रही है। इसका उद्देश्य ग्रामीणों को पर्यटन से जोडऩा है इसके लिये लाभार्थियों का चयन किया जा रहा है। उन्होंने कहा नैनीताल में इस वर्ष पर्यटन से जुड़े लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ा। पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने से नैनीताल में समस्या पैदा हो रही है। उन्होंने कहा कि रोपवे बनाने के लिये विदेशी कंपनियों से बातचीत की जा रही है। पर्वतीय क्षेत्र में रोपवे बनाने के लिये इन कंपनियों को मानक दिये जायेंगे। उन्होंने बताया कि आगामी अक्टूबर माह में एक कानक्लेव का आयोजन किया जा रहा है जिसमें पीएम नरेन्द्र मोदी भी शिरकत करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार पर्यटन की ठोस नीति बना रही है जिसकों आखिरी रूप दिया जाना है इसके लिये निवेशकों को आमंत्रित किया जायेगा ताकि यहां पर्यटन विकास को गति दी जा सके। उन्होंने नैनीताल में पार्किंग स्थलों के लिये भूमि उपलबध नहीं होने की समस्या पर कहा कि इसके लिये नैनीताल में भूमि का चयन किया जा रहा है। जैसे ही भूमि उपलब्ध होगी तो पार्किंग की व्यवस्था की जायेगी इसके लिये धन की कोई कमी नहीं है। होम स्टे योजना के बावत उन्होंने बताया कि होम स्टे योजना का उद्देश्य ग्रामीणों को पर्यटन से जोडऩा है इसके लिये लाभार्थियों का चयन किया जा रहा है। जनपद पिथौरागढ़ में होम स्टे का संचालन वर्तमान में किया जा रहा है। अगले चरण में अल्मोड़ा व टिहरी जिले में होम स्टे के लिये चयन का कार्य किया जायेगा। अब तक पूरे प्रदेश में होम स्टे के लिये 550 रजिस्ट्रेशन हो चुके हंै जबकि 400 आवेदन प्राप्त हुये हैं जिन पर विचार किया जाना है। विकास निगम के गेस्ट हाउसों को पीपीपी मोड पर दिये जाने का विरोध होने के प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि गेस्ट हाउसों को पीपीपी मोड में देने का निर्णय नहीं हुआ है। निगम के संसाधन बढ़ाने के लिये पीपीपी मोड की योजना पर विचार किया जा रहा है। पत्रकार वार्ता में केएमवीएन के प्रबंध निदेशक धीराज गब्र्याल भी मौजूद थे।

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