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रुड़की: चारों गन्ना समितियां कंगाली के कगार पर

रुड़की। जिले की चारों गन्ना समितियां कंगाल होने के कगार पर पहुंच गई हैं। गन्ना समितियों के पास मार्च माह का वेतन देने के लिए भी पैसे नहीं है। ऐसे में कर्मचारियों में बैचेनी बढ़ गई है, वहीं चीनी मिलें गन्ना मूल्य कमीशन देने को तैयार नहीं है। किसानों से भी गन्ना समितियां 14 करोड़ रुपये का कर्ज नहीं वसूल पाई है।
गन्ना विभाग में गन्ना समितियों के माध्यम से किसान चीनी मिलों को गन्ने की आपूर्ति करते हैं। चीनी मिल भी गन्ना समितियों के माध्यम से ही किसानों को गन्ने का भुगतान करती है। 66 हजार गन्ना किसान जिले की लक्सर, इकबालपुर, लिब्बरहेड़ी और ज्वालापुर समिति के माध्यम से गन्ने की आपूर्ति करते हैं। गन्ना समितियां चीनी मिल की ओर से खरीदे गन्ने पर दो फीसद कमीशन लेती है। पिछले तीन साल से चीनी मिलें किसानों का भुगतान तो जैसे-तैसे कर रही है लेकिन गन्ना मूल्य कमीशन नहीं दे रही है। इसकी वजह से सभी गन्ना समितियां अपनी एफडी तुड़वाकर कर्मचारियों के वेतन का भुगतान कर चुकी है, लेकिन अब गन्ना समितियों के खाते पूरी तरह से खाली हो चुके है। स्थिति यह है कि मार्च माह से कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल पाएगा। वहीं जिले की गन्ना समितियों ने कर्ज पर किसानों को खाद बीज दिया था, यह धनराशि भी गन्ना किसानों ने वापस नहीं दिया है।

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