Breaking News
Home / Uttatakhand Districts / Dehradun / सांई इंस्टीट्यूट में जमी काव्योत्सव की महफिल

सांई इंस्टीट्यूट में जमी काव्योत्सव की महफिल

कवियों ने अपनी रचनाओं में उकेरा पहाड़ का दर्द
व्यवस्था की खामियों पर कसे करारे तंज
देहरादून। रचनात्मक आयोजनों की कड़ी को आगे बढ़ाते हुए सांई इंस्टीट्यूट ऑफ पैरामेडिकल एंड एलायड साइंसेज ने धाद साहित्य एकांश के सहयोग से काव्योत्सव का आयोजन किया। इस मौके पर शहर के जानेमाने कवियों सहित एकांश के सदस्यों ने अपनी सुंदर रचनाओं का पाठ किया। कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से जहां पहाड़ में पहाड़ सी दुश्वारियों और वहां के लोगों के दर्द को खूबसूरती से उकेरा, वहीं देश की सियासत में चारित्रिक पतन, व्यवस्था की खामियों, सामाजिक कुरीतियों व भ्रष्टाचार आदि मुद्दों पर करारी चोट की। हास्य और श्रंृगार रस से सरोबारे रही कई रचनाओं की प्रस्तुति ने काव्योत्सव में और रंग जमा दिया। इस मौके पर वरिष्ठ साहित्यकार केदारनाथ के निधन पर उनका स्मरण करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
काव्योत्सव का शुभारंभ उच्च शिक्षा निदेशक डॉ सविता मोहन, वरिष्ठ साहित्यकार गुरदीप खुराना, सांई इंस्टीट्यूट के चेयरमैन हरीश अरोड़ा व चेयरपर्सन श्रीमती रानी अरोड़ा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। साहित्य एकांश की सचिव मंजू काला ने मेहमान कवियों व अतिथियों का स्वागत करते हुए संस्था की गतिविधीयों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एकांश का गठन, उत्तराखंड में बेहतर साहित्यिक विमर्श की परंपराओं को कायम रखने व उन्हें सार्थक आयोजनों के द्वारा आम जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से किया गया है। अपने आयोजनों को हमने वैचारिक जामा पहनाते हुए सृजन संवाद, सृजन पथ, सृजन यात्रा,सृजन अभिव्यक्ति जैसे श्रृंखलाओं में बांधा है। काव्योत्सव का यह आयोजन सृजन अभिव्यक्ति की एक कड़ी है।
काव्योत्सव में वरिष्ठ कवि बुद्धिनाथ मिश्र, श्रीमती कृष्णा खुराना, राम विनय, श्रीमती डॉली डबराल, अशोक मिश्र, लोकेश नवानी, शांति प्रकाश जिज्ञासु सहित एकांश के सदस्यों ने डॉ नीलम प्रभा वर्मा, सुनीता चौहान, कान्ता घिल्डीयाल, सुजाता पाटनी,
लक्ष्मी गौड थपलियाल, अवनीश उनियाल, धीरेन्द्र प्रसाद ध्यानी, कल्पना बहुगुणा व मंजू काला ने अपनी कविताओं का पाठ किया। काव्योत्सव का सरस व सुचारू संचालन एकांश की संयुक्त सचिव सुजाता पाटनी ने किया। लोकगायिका श्रीमती पूनम नैथानी ने सरस्वती वन्दना प्रस्तुत की। इस अवसर पर एकांश की अध्यक्षा कल्पना बहुगुणा, संस्थान के चैयरमेन हरीश अरोड़ा और चैयरपर्सन श्रीमती रानी अरोड़ा, संगीता बहुगुणा, माया कल्पासी, मोहिनी रतूड़ी, सोनिया खुकसाल व सविता जोशी आदि भी मौजूद रहे।

About madan lakhera

Check Also

शर्मनाक: हाथी दांत तश्करों तक नहीं पहुंच पाई वन विभाग की टीम

चार दिन बाद भी खाली हाथ घुम रही है वन विभाग की टीम डोईवाला/ब्यूरो। एयरपोर्ट …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *