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सांसदों के टिकट पर मंत्रियों की दावेदारी!

भगतदा के बाद अब टम्टा की सीट से बुलंद हुई आवाज

यशपाल के बाद रेखा ने भी ठोंका दावा

चुनाव पर सांसदों की न का भी इंतजार नहीं

भाजपा के सामने सीट-दर-सीट खड़ी हो रही चुनौती

मदन मोहन लखेड़ा,देहरादून। सियासी दलों में टिकट के फैसले पर गहन माथापच्ची का दौर अभी दूर है, मगर इसे लेकर उत्तराखंड में माहौल अभी से गरमाने लगा है। प्रदेश की पांच लोकसभा सीटों मेंं टिकट के सवाल पर कयासबाजी, चर्चाओं और बयानबाजी जोर पकड़ रही है। दावेदार भी खुलकर सामने आ रहे हैं। विपक्षी दल कांग्रेस से ज्यादा सत्तारूढ़ बीजेपी में टिकट पर सियासी तापमान उछाले मार रहा है। खास बात यह है कि त्रिवेंद्र सरकार के मंत्री सीटिंग एपमी की सीटों से दावेदारी ठोंक रहे हैं। नैनीताल सीट से कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य के बाद अब अल्मोड़ा सीट से राज्य मंत्री रेखा आर्य ने टिकट की दावेदारी ठोंक दी है। मजेदार बात यह है कि इन दोनों सीटों से निर्वाचित भाजपा सांसदों ने पौड़ी सांसद जनरल बीसी खंड़ूडी की तर्ज पर चुनाव न लडऩे की बात कही है। न ही पार्टी हाईकमान ने टिकट पर उनकी दावेदारी को सिरे खारिज किया है। ऐसे में लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी भाजपा के समक्ष अब एक नई और दिलचस्प चुनौती खड़ी होती नजर आ रही है।

पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा ने पांचों सीटों पर बड़ी जीत हासिल की थी। इसके बाद पांच सालों के दौरान भाजपा उत्तराखंड में लगभग अपराजेय स्थिति में रही है। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने प्रचंड जीत के साथ 57 सीटों पर भगवा फहराया। पार्टी की जीत का यह सिलसिला हालिया निकाय चुनाव तक बना है। उत्तराखंड में भाजपा की मजबूत पकड़ और लगातार जीत के इस क्रम आगे बढऩे की संभावना को भांपते हुए भाजपा नेताओं में लोकसभा में भी किस्मत आजमाने की इच्छा हिलौरे मार रही है। इसलिए, टिकट की दावेदारी करने वालों में पार्टी के मंत्री भी पीछे नहीं है। भाजपा सांसद व पूर्व सीएम बीसी खंड़ूड़ी स्वास्थ्य कार्यों का हवाला देकन चुनाव न लडऩे का दो टूक ऐलान पहले ही कर चुके हैं। इस स्थिति में पौड़ी सीट से टिकट के दावेदारों का सामने आना तो लाजिमी है, मगर इससे इतर राज्य की अन्य सीटों पर सीटिंग एमपी के टिकट पर दावेदारी ने स्थिति दिलचस्प बना दी है। इसके पीछे प्रदेश भाजपा में दिग्गज नेताओं का जमावड़े को भी वजह माना जा रहा है। पिछले लोकसभा चुनाव के समय से उत्तराखंड में कांग्रेस छोडक़र भाजपा में शामिल होने वाले नेताओं की संख्या तेजी से बढ़ी थी। पूर्व केंद्रीय मंत्री सतपाल महाराज, पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा, डॉ. हरक सिंह रावत, कैबिनेट मंत्री व कांग्रेस के दो बार प्रदेश अध्यक्ष रहे यशपाल आर्य इनमें शामिल हैं। इस राजनैतिक ध्रुवीकरण से कांग्रेस में कद्दावर माने जाने वाले नेताओं का कुनबा सिकुड़ गया तो भाजपा में बड़े नेताओं का बड़ा कुनबा तैयार हो गया। इन्होंने अब लोकसभा सीटों पर भी अपना दावा पेश कर पार्टी में दिलचस्प स्थिति बना दी है।

हाल ही में प्रदेश सरकार में वरिष्ठ मंत्री यशपाल आर्य ने नैनीताल संसदीय सीट से लोकसभा चुनाव लडने की इच्छा सार्वजनिक की तो अब राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रेखा आर्य ने अल्मोड़ा सुरक्षित सीट से चुनाव मैदान में उतरने के लिए दावा ठोक दिया है। आपको बता दें कि यशपाल आर्य ने नैनीताल के मौजूदा सांसद भगत सिंह कोश्यारी के चुनाव न लडने की स्थिति में ही अपनी दावेदारी की बात कही है जबकि अल्मोड़ा में ऐसा नहीं है। अल्मोड़ा संसदीय सीट का प्रतिनिधित्व अजय टम्टा कर रहे हैं, जो उत्तराखंड से मोदी सरकार में एकमात्र मंत्री हैं। ऐसे में रेखा आर्य द्वारा अल्मोड़ा सीट से लोकसभा चुनाव लडने की इच्छा जाहिर किए जाने से हालात खासे दिलचस्प बनते नजर आ रहे हैं। बकौल रेखा आर्य मैंने वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में भी इस सीट से चुनाव लडऩे की इच्छा जाहिर की थी। अब मैंने पार्टी नेतृत्व को अपनी दावेदारी से अवगत करा दिया है।

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