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ग्राउंड जीरो रिपोर्ट : अपने स्कूल में अध्यापक हैं नहीं लड़कियों के स्कूल में जा कर पढ़ रहे छात्र

शंकर बन गोस्वामी
सोमेश्वर। किसी जमाने में सटीक शिक्षण संस्थान के रूप में अपनी पहचान बनाने वाले राजकीय इण्टर कालेज सोमेश्वर आज शिक्षकों के रिक्त पदों के चलते बदहाली के आँसू बहा रहा हैं। जिसका सबसे अधिक खामियाजा उन नौनिहालों को भुगतना पड़ रहा हैं जिनके कन्धों पर आधुनिक भारत की जिम्मेदारी हैं और भविष्य में उन्हें भारत का नव निर्माण करना हैं ।
यहाँ पर यक्ष प्रश्न यह हैं कि क्या हमारे समाज में आने वाले भविष्य के प्रति हमारा शासन.प्रशासन कितना जागरूक हैं जब विद्यालयो में शिक्षक नहीं तो प्रदेश के शिक्षामंत्री का यह फरमान हास्यापद ही लगता हैं कि अध्यापकों को विद्यालय में ड्रेस पहनना होगा।
जबकि धरातल की वास्तविक स्थिति यह हैं कि राजकीय इण्टर कालेज सोमेश्वर में वर्तमान में कुल 244 बच्चे अध्ययनरत हैं जिनमें से कक्षा 10 में 35, कक्षा-11 विज्ञान वर्ग में 39, कक्षा 12 के विज्ञान वर्ग में 57 बच्चे अपने भविष्य के सबसे अहम पड़ाव पर शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं जबकि इण्टरमीडिएट के महत्वपूर्ण प्रवक्ताओं में भौतिक विज्ञान और गणित के पद रिक्त चल रहे हैं वहीं हाईस्कूल में गणित और सामाजिक विज्ञान के अध्यापकों के पद भी खाली हैं ।
यहां पर गौर करने वाली बात यह हैं कि सोमेश्वर बौरारो घाटी के मध्य में स्थित राजकीय अन्तर कालेज सोमेश्वर में राईका सलौंज और राईका दडमिया के बच्चे भी विज्ञान वर्ग इण्टर में पढऩे के लिए आते हैं इस विद्यालय में कुल छात्र संख्या 244 बच्चों के सापेक्ष में कुल स्वीकृत शिक्षकों के 18 पदों में से 4 पद पिछले कई वर्षो से रिक्त पढ़े हुए हैं जिससे पढऩे वाले बच्चों की मनोदशा का अनुमान स्वयं ही लगाया जा सकता हैं ।
राजकीय इण्टर कालेज सोमेश्वर सुगम विद्यालयो की श्रेणी में आता हैं परन्तु छात्रों के लिए यहां पर शिक्षा ग्रहण करना अतिदुर्गम से कम नहीं हैं। इसी कारण इस विद्यालय के कक्षा 10,11 और 12 के बच्चों को क्रमश: 1,2, 3 वादन में पढऩे के लिए राजकीय आदर्श बालिका इण्टर कालेज सोमेश्वर में लेकर जाया जाता है। जहा पर राईका सोमेश्वर और राजकीय आदर्श बालिका इण्टर कालेज की बालिकाएं, एक साथ अध्ययन करने को मजबूर हैं जबकि आदर्श बालिका अन्तर कालेज में भी प्रधानाचार्या सहित जीव विज्ञान, राजनैतिक विज्ञान, इतिहास, संस्कृत आदि के पद करीब 5-6 वर्षो से ही रिक्त चल रहे हैं । छात्र संख्या 356 के अनुपात में कुल स्वीकृत 19 पदों में से 6 पद रिक्त हैं ।
बालिका इण्टर कालेज में कक्षा 10 में 66, कक्षा 11 में-39 और कक्षा 12 में 45 बालिका पढ़ती हैं ।
जब हाईस्कूल के गणित का वादन चलता हैं तो उस समय छात्र संख्या 101 पहुच जाती हैं, कक्षा 11 के भौतिक विज्ञान और गणित के वादन में छात्रों की कुल संख्या 46 जबकि कक्षा 12 के भौतिक और गणित के विषय में छात्र संख्या 75 पहुंच जाती हैं यहां पर यह सोचने वाली बात हैं कि 1 शिक्षक इतने बच्चों को कैसे पढ़ाता होगा।
यहा पर शिक्षा विभाग का वह नियम भी लागू नहीं होता हैं जिसमें कहा गया हैं कि 40 बच्चों से अधिक छात्र संख्या में अलग-अलग सेक्शन में पढ़ाई की जायेगी यहा तो यह गनीमत हैं कि बच्चों को कोई पढ़ा तो रहा हैं ।
इस सम्बन्ध में जब दोनों विद्यालयो के प्रधानाचार्य और शिक्षको से बात की गयी तो उनका कहना था कि जो शिक्षा व्यवस्था चल रही हैं उससे दोनों ही विद्यालयों के बच्चों को परेशानी तो हो रही हैं परन्तु हमारे पास कोई विकल्प भी नहीं हैं । खण्ड शिक्षा अधिकारी पुष्कर लाल टम्टा का कहना हैं कि राजकीय इण्टर कालेज सोमेश्वर सुगम होने के चलते कोई भी शिक्षक यहां पर नई नियुक्ति नही कर सकता हैं जो भी शिक्षक यहा पर आएगा वह पदोन्नति के अंतर्गत ही आएगा जबकि आदर्श बालिका अन्तर कालेज में रिक्त पदों के अतिशीघ्र भरे जाने के आसार हैंए फिलहाल बचव्हो के भविष्य को देखते हुए यह वैकल्पिक व्यवस्था चलाई गयी हैं ।
वास्तव में प्रदेश के शिक्षा विभाग में बैठे आलाअधिकारियो को किसी बच्चे के भविष्य की परवाह अगर होती तो धरातल पर यह स्थिति कभी नही होतीएक्या शासन.प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को नौनिहालो के साथ हो रहे खिलवाड़ को लेकर अपनी आवाज को नही उठाना चाहिए या फिर एक और चुनाव तक का इन्तजार करना चाहिए।

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