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गदरपुर: स्वतंत्रता सेनानी की भूमि हड़पने की साजिश

पीडि़त परिवार ने डीएम एवं पुलिस से की न्याय की गुहार
गदरपुर। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के दो पुत्रों के नाम दर्ज 15 एकड़ भूमि को कुछ लोगों ने अपने नाम दर्ज करवाने के लिए तहसील प्रशासन से सांठगांठ कर फर्जी वसीयत बनवा ली साथ ही दोनोंं पुत्रों को मृतक बनाकर धोखाधड़ी का खेल रच डाला। पीडि़त परिवार को जब पता चला तो वह हतप्रभ रह गए अब थाने में आरोपियोंं के खिलाफ तहरीर दी गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। बरेली के चैनपुर निवासी सुरेश प्रसन्न सिंह उर्फ सुरेश कुंवर सिंह पुत्र स्वर्गीय राम स्वरूप सिंह ने थाने में दी लिखित तहरीर में बताया कि उसके पिता स्वर्गीय रामस्वरूप सिंह पुत्र कुंवर सिंह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। इस कारण उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें राजस्व ग्राम मुकंदपुर तत्कालीन तहसील बाजपुर जिला नैनीताल में 15 एकड़ कृषि भूमि आवंटित की थी। पिता की मृत्यु के उपरांत जरिए विरासतन भूमि 1369 फसली भाई महेश प्रसन्न सिंह एवं सुरेश प्रसन्न सिंह पुत्रगण स्वर्गीय राम स्वरूप सिंह के नाम दर्ज माल कागजात की गई जो कि राजस्व अभिलेखोंं में चली आ रही थी। इस बीच परिवार के जनपद बरेली में निवास करने की वजह से यह भूमि उन्होंने इसी गांव के कुछ लोगों को ठेके पर दे दी जिससे वह विगत लंबे समय से उक्त जमीन पर खेती बाड़ी करते आ रहे थे। उन्होंंने बताया कि जब उन्हें किसी मामले में जमीन से संबंधित प्रमाणित प्रतियां प्राप्त की तो उन्हें ज्ञात हुआ कि ग्राम मुकंदपुर तहसील गदरपुर जिला उधम सिंह नगर के रहने वाले निर्मल सिंह, बसंत सिंह, प्रताप सिंह पुत्रगण करनैल सिंह द्वारा गांव के ही गुरदीप सिंह पुत्र भजन सिंह व परमजीत सिंह पुत्र जोगेंद्र सिंह के साथ मिलीभगत कर एक फर्जी वसीयत दिनांक 22 अक्टूबर 1999 के आधार पर उनका फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र पांच जनवरी 2000 को मृत्यु दर्शाकर ग्राम पंचायत अधिकारी ग्राम बराराई से प्राप्त कर न्यायालय तहसीलदार गदरपुर उधम सिंह नगर में एक दाखिल-खारिज वाद संख्या 30/24 धारा 34 भू राजस्व अधिनियम के अंतर्गत दाखिल खारिज वर्कर तहसील कर्मियङ्क्षं से सांठगांठ कर भूमि अपने नाम दर्ज करवा ली जबकि वह जीवित हैं। इन लोगों द्वारा जमीन हड़पने के लिए उनके जीवित रहते उनकी मृत्यु का फर्जी प्रमाण पत्र न्यायालय तहसील तहसीलदार गदरपुर में नामांतरण आदेश पारित करवाकर खतौनी में दर्ज करा लिया। पीडि़त परिवार ने डीएम को भी मामले से अवगत करवाया है। डीएम ने एडीएम जगदीश चंद्र कांडपाल को जांच सौंपी है। थानाध्यक्ष ललित मोहन जोशी ने बताया कि प्रकरण की जांच उपनिरीक्षक ललित बिष्ट को सौंपी गई है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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