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गुर्दा रोगियों को हिम्मत देगी ‘द किडनी वारियर्स’

वसुंधरा राघवन की किताब का दून में हुआ विमोचन
किडनी भुक्तभोगियों के संघर्ष पर आधारित है किताब
देहरादून। गुर्दा रोगियों के संघर्ष, परेशानियों और हिम्मत का आईना है ‘द किडनी वारियर्स’ किताब। यह किताब देशभर में गुर्दा रोग से पीडि़त और उनसे जुड़े लोगों का मार्गदर्शन कर उन्हें हिम्मत देगी। यह विचार श्री महंत इंद्रेश हॉस्पिटल के गुर्दा रोग विशेषज्ञ डा आलोक ने व्यवक्त किए। डा आलोक द किडनी वारियर्स फाउंडेशन की संस्थापक व सीईओ श्रीमती वसुंधरा राघवन लिखित किताब ‘द किडनी वारियर्स’ का दून में विमोचन कर रहे थे।
उत्तराचंल प्रेस क्लब में आयोजित विमोचन समारोह को संबोधित करते हुए डा आलोक ने कहा कि गुर्दा रोग अपरिवर्तनीय बीमारी है। गुर्दा प्रत्यारोपण या फिर डायलिसिस व चिकित्सकों की सलाह पर किडनी की सही देखभाल ही इसका उपचार है। उन्होंने बताया कि इस रोग की पांच स्टेज होती है और चिंता की बात यह है कि यह काफी देर से पकड़ में आता है। जब तक किडनी 75 से 90 प्रतिशत तक काम बंद न कर दे, इसके लक्ष्ण भी सामने नहीं आ पाते हैं। शूगर व बीपी के मरीजों में गुर्दा रोग का खतरा अधिक बना रहता है। इसके अलावा दवा के साइड इफैक्ट या परिवार में अनुवांसिक बीमारी भी गुर्दा रोग का कारण हो सकती है। उन्होंने कहा कि गुर्दा रोग होने की कोई आयु सीमा नहीं है। यह शिशु से लेकर किसी भी आयु वर्ग के इंसान को हो सकता है। उन्होंने कहा कि इस रोग के प्रति सजग और सतर्क रहने की जरूरत है और चिकित्सकों की सलाह पर जरूरी जांच समय-समय पर कराई जानी चाहिए।
आहार विशेषज्ञ (डायटिशियन) डा मीतू रस्तोगी ने गुर्दा रोगियों सहित गुर्दा प्रत्यारोपण कराने वाले लोगों के लिए सही आहार और पोषाहार पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसी भी रोग से लडऩे और शरीरी के अंगों की सही देखभाल के लिए समयबद्ध आहार की भूमिका अहम है। हेल्दी डाइट चार्ट पर अमल करके हमें स्वस्थ रहने के साथ ही विभिन्न बीमारियों से निपटने के लिए जरूरी ताकत भी प्राप्त कर सकते हैं। वसुंधरा राघवन ने कहा कि ‘द किडनी वारियर्स’ किताब देशभर के करीब 40 गुर्दा रोगियों के जीवन पर आधारित है। इस किताब का मकसद लोगों में गुर्दा रोग के प्रति जागरुकता फैलाने के साथ ही गुर्दा रोग पीडि़त लोगों का मार्गदर्शन कर उन्हें इस रोग से लडऩे की प्रेरणा देना है। उन्होंने बताया कि द किडनी वारियर्स फाउंडेशन के जरिये देश में गुर्दा रोगियों की मदद के लिए मुहिम शुरु की गई है। जल्द ही संस्था को विस्तार देकर इसकी गतिविधियों को तेज किया जाएगा। इस अवसर पर फाउंडेशन के पदाधिकारी माजिद अली नकवी, मोनिका संभव वर्मा, करमजीत कौर, जितेंद्र चुघ व उत्तराखंड के समन्वयक विरेंद्र कुमार आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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