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बनबसा: टाइगर की खाल, हड्डी के साथ शिकारी गिरफ्तार

बनबसा। लगभग 12 लाख रूपये मूल्य की एक टाइगर की खाल और साढ़े आठ किलो टाइगर की हड्डी के साथ आज एसओजी, एसटीएफ, स्थानीय पुलिस और वन विभाग ने संयुक्त अभियान के तहत दो शिकारियों को दबोच लिया। पुलिस ने दोनों शिकारियों के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर उन्हें वन विभाग के सुपुर्द कर दिया है।
पुलिस क्षेत्राधिकारी राजन सिंह रौतेला ने बताया कि टाइगर की खाल और हड्डियों के साथ पकड़े गए राजू पुत्र बाबू राम, निवासी ग्राम-कमलापुर, थाना-गोला, जिला-लखीमपुर और महावीर पुत्र लोकराम, निवासी ग्राम-ढाका, थाना-मैलानी, जिला-लखीमपुर को आज नेपाल से भारत आते समय बैराज से दो किलोमीटर दूर वन विभाग के छीनी कमपार्टमेंट नम्बर 14 में एक टाइगर की खाल और हड्डियों के साथ पकड़ लिया उन्होंने बताया कि दोनों शिकारियों से पूछताछ में पता चला कि उन्होंने टाइगर का शिकार उत्तरप्रदेश में स्थित दुधवा नेशनल पार्क में एक वर्ष पूर्व किया था। टाइगर को मारने के बाद उसकी खाल निकाल ली और उसकी हड्डियों को जमीन के नीचे दबा दिया था। सीओ राजन सिंह रौतेला ने बताया कि दोनो शिकारियों की डील दिल्ली के किसी व्यापारी से हुई थी। जिसके तहत उन्हें टाइगर की खाल और हड्डियों को बनबसा तक पहुंचाना था। जिसके बाद व्यापारी का कोई आदमी बनबसा से दिल्ली ले जाने वाला था। लेकिन ये पहले ही पकड़ लिये गए। उन्होंने बताया कि पकड़ी गई खाल ढाई मीटर चौड़ी और दो मीटर लम्बी है। उन्होंने बताया कि राजू के पास से टाइगर की खाल और महावीर के पास से टाइगर की हड्डियां बरामद हुई।
टाइगर की खाल और उसकी हड्डियों समेत दोनों शिकारियों को पकडऩे वाले दल में एसओजी प्रभारी विनोद यादव, एसओ बनबसा मनीष खत्री, शारदा बैराज चौकी प्रभारी सुरेन्द्र खड़ायत, एसआई संजय दौसाद, एसडीओ वन विभाग बाबू लाल, वन क्षेत्राधिकारी आरके मौर्य, एसटीएफ के महेन्द्र गिरी, किशोर कुमार, कमल धानिक, भोपाल चन्द, ललित पाण्डे, धर्मवीर बिष्ट, दीपक प्रसाद आदि तमाम लोग शामिल थे।

डील करने नेपाल के रास्ते आये थे बनबसा
बनबसा। दुधवा नेशनल पार्क में टाइगर को मारने के बाद लखीमपुर उत्तर प्रदेश के शिकारियों ने इसकी डील के लिए बनबसा को चुना था। शिकारी इतने शातिर थे कि उन्होंने लखीमपुर से बनबसा आने के लिए नेपाल का रास्ता चुना। लखीमपुर से धनगड़ी नेपाल होते हुए वह बनबसा पहुंचे थे। एसओजी प्रभारी विनोद यादव ने बताया कि मार गया टाइगर पूरी तरह व्यस्क था जिसकी उम्र लगभग 8 से 10 वर्ष के बीच होगी। उन्होंने बताया कि खाल को देखने से लगता है कि उन्होंने इस टाइगर को कोई जहरीला पदार्थ खिलाकर या जहर देकर मारा होगा। क्योकि बराबद खाल में किसी प्रकार का कोई भी गोली और अन्य धारदार हथियार का निशान नहीं था।

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