Breaking News
Home / Uttatakhand Districts / Dehradun / राज्य की उम्मीदांे पर सहानुभूति दिखाएगा आयोग

राज्य की उम्मीदांे पर सहानुभूति दिखाएगा आयोग

उत्तराखंड के भ्रमण पर आए 15वें वित्त आयोग ने दिलाया भरोसा
विभिन्न स्तर पर की चर्चा, परिस्थितियों को जाना
देहरादून। उत्तराखंड के तीन दिवसीय दौरे पर आया 15वां वित्त आयोग राज्य की आकांक्षाओं और उम्मीदों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगा। आयोग के अध्यक्ष एनके सिंह ने मीडिया सैंटर में पत्राकारों से वार्ता के दौरान यह बात कही।
उन्होंने बताया कि दो दिनों में विभिन्न स्तर के लोगों के साथ विचार-विमर्श हुआ। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री, मंत्राीगणों, विभिन्न दलों के प्रतिनिधियों, निर्वाचित निकाय व पंचायत प्रतिनिधियों सहित प्रदेश के आला अधिकारियों के साथ भी वार्ता हुई। सिंह ने कहा कि अधिकांश लोगों का तीन-चार विषयों पर अधिक फोकस रहा। उत्तराखंड की विशेष परिस्थितियां हैं। भौगोलिक विषमताएं, प्राकृतिक सौन्दर्य के साथ प्रतिवर्ष आने वाली आपदाएं चुनौतियां भी हैं। राज्य की जीडीपी एवं प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत से अधिक है, जो कि सराहनीय है।
उन्होंने कहा कि राज्य की चुनौतियों सेे मुख्यमंत्री व वित्तमंत्री प्र्रकाश पंत ने अवगत कराया। इसके अतिरिक्त सरकार द्वारा एक ज्ञापन भी दिया गया। राज्य ने अपनी आकांक्षाओं से आयोग को अवगत कराया है। अध्यक्ष एनके सिंह ने कहा कि राज्य द्वारा व्यक्त की गई आकांक्षाओं पर आयोग सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगा। उन्होंन पूर्व आयोग के किसी काम पर टिप्पणी करने से यह कहकर इंकार कर दिया कि ऐसी कोई परंपरा नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य ने राजस्व घाटा अनुदान की अपेक्षा की है। इसके अलावा जीएसटी मंे राज्य के हिस्से से राजस्व कमी का विषय भी रखा गया है। जीएसटी में हिस्सेदारी तय करना आयोग के अधिकार क्षेत्र में नहीं है। राजस्व व व्यय को जरूर देखा जाएगा। राजस्व घाटा अनुदान पर आयोग सकारात्मक दृष्टिकोण से विचार करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व में जो अनुमान लगाए गए थे, वे ज्यादा आशावादी थे। आंकाड़ों का विश्लेषण करके वास्तविकता को समझा जा सकता है। जीएसटी से प्राप्त राजस्व आंकड़ों की समीक्षा की जा सकती है। यह सवाल भी उठाया गया कि राज्य में विशेष परिस्थितियां हैं, लेकिन प्राकृतिक संसाधनों की कमी नहीं है। यहां पारिस्थितिकी व पर्यावरण के प्रति योगदान से जितना लाभ मिलना चाहिए नहीं मिल पा रहा है। उत्तराखंड नए मापदंड से कुछ अधिक चाहता है। उन्होंने उत्तराखंड को अपार संभावनाओं वाला राज्य बताया। उन्होंने कहा कि राज्य प्राकृतिक सौन्दर्य की मौजूदगी से पर्यटन हब बन सकता है। आयोग उपयुक्त तरीके से राज्य की मदद करेगा। उन्होंने बताया कि आयोग को अक्टूबर 2019 तक राष्ट्रपति को अपनी रिपोर्ट सौंपनी है। इसके बाद आयोग की संस्तुतियां 2020 से 2025 के लिए प्रभावी होंगी।

About madan lakhera

Check Also

डोईवाला: 11 वारंटियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा

डोईवाला/ब्यूरो। पुलिस ने न्यायालयों द्वारा गैर जमानती वारंट जारी किए गए 11 वारंटियों को गिरफ्तार …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *