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सांकेतिक फोटो

हरिद्वार:वन अफसरों के खून के सहारे पकड़ा जाएगा आदमखोर

इंसान की डमी बनाकर उस पर उडेला गया 100 एमएल खून
-राजाजी के निदेशक सहित अन्य कर्मियों ने दिया है अपना खून
-योजना यह कि खून की गंध पाकर आयेगा उस ओर आदमखोर
-ऐसा हुआ तो आदमखोर होगा राजाजी टाइगर रिजर्व के फंदे में
नवीन पाण्डेय, हरिद्वार। राजाजी टाइगर रिजर्व के मोतीचूर रेंज से रायवाला के बीच में करीब 19 लोगों को मौत की नींद सुला चुके आदमखोर गुलदार को अब दबोचने के लिये राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक सहित कई वन कर्मियों ने अपना खून दिया है। जी हां, आपको इस बात पर अचरज हो रहा होगा लेकिन यह सौ फीसदी सही और देश के जंगल के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है। आईये बताते हैं कैसे आदमखोर को अब अपना खून देकर पकडने की योजना राजाजी टाइगर रिजर्व के अधिकारियों ने बनाई है।
राजाजी टाइगर रिजर्व के मोतीचूर रेंज से लेकर रायवाला क्षेत्र तक गुलदार का काफी मूवमेंट है। इन गुलदारों में आदमखोर गुलदार भी हैं, जिनके मुंह इंसानों का खून लग चुका है। 2004 से अब तक करीब 19 लोगों को आदमखोर ने मोतीचूर से लेकर रायवाला तक अपना शिकार बनाया है। लगातार कोशिशें की गई कि आदमखोर को दबोच लिया जाए लेकिन नाकामी हर बार हाथ आई। यह बात उस वक्त बारकृबार सामने आई जब इंसानों का गुलदार ने शिकार किया। कई बार राजाजी टाइगर रिजर्व की टीम ने आदमखोर को दबोचने की योजना बनाई। इसमें आदमखोर तो शायद नहीं पकड में आया लेकिन दूसरे गुलदार जरूर फंस गये या यूं कहें कि एक से अधिक आदमखोर इस जंगल में घूम रहे हैं क्योंकि सोमवार को मोतीचूर रेंज अंतर्गत एक और व्यक्ति को गुलदार ने जब अपना शिकार बनाया तो यह साफ हो गया कि अब भी इस क्षेत्र में आदमखोर की दस्तक है। जिसे लेकर एक बार फिर आम लोगों की आवाज बुलंद हुई। राजनेताओं का प्रेशर भी राजाजी टाइगर रिजर्व पर पडा। इसके बाद फिर आदमखोर को दबोचने की कवायद तेज हुई है। चूंकि राजाजी की ओर से कई जतन आदमखोर को दबोचने को किया जा चुका है लिहाजा इंसानी खून के प्यासे गुलदार को अब इंसानी खून की बदौलत ही दबोचने की योजना राजाजी की टीम ने बनाई है। बताया जाता है कि इंसान का डमी यानि पुतला बनाकर उस पर इंसान का खून लगाया गया है ताकि इस खून की महक को सूंध कर आदमखोर पहुंचे और उसे दबोचा जा सके। करीब 100 एमएल से अधिक खून राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक सनातन सोनकर सहित कुछ अन्य स्टाफ ने दिया है और इसी खून को इंसान की डमी पर लगाकार आदमखोर को पकडने की योजना है। यह पहला अवसर होगा जब जंगल में इस तरह का प्रयोग आदमखोर को पकडने के लिये किया जा रहा है।

आदमखोर गुलदार को हर संभव पकडने की कोशिश होती रही है। लेकिन लगातार हो रही मौतों से विभाग भी चिंतित है। अब मैं सहित कुछ स्टाफ ने अपना खून निकाला है और एक इंसान की डमी बनाकर आदमखोर के संभावित मूवमेंट वाली जगह पर रखा गया है। बीती रात यह काम शुरू किया गया। लेकिन गुलदार इंसान की डमी से कुछ दूरी तक आया और फिर लौट गया। आज फिर इस प्रयोग को दोहराया जायेगा। देखते हैं क्या रिजल्ट आता है।
सनातन सोनकर, निदेशक, राजाजी टाइगर रिजर्व, देहरादून

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