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डब्लूआईसी में सजी ‘दास्तानगोई’ की शाम

वेलेंटीना त्रिवेदी और अनुजा ने दी शानदार प्रस्तुति
‘गूपी गयनी बाघा बयनि’ के प्रदर्शन से समां बांधा
देहरादून। वल्र्ड इंटीग्रिटी सेंटर इंडिया ने आज अपने परिसर में अनोखी कला रूप दास्तानगोई का मंचन किया। अनुजा जैमन और वेलेंटीना त्रिवेदी ने इस दमदार प्रस्तुति से श्रोताओं को घंटो बांधे रखा। ‘गूपी गयनी बाघा बयनि’ ने दर्शको का मन मोह लिया। पेश की गयी कहानी की थीम सत्यजीत रे की बच्चों की लोकप्रिय फिल्म पर आधारित है। उन्होंने संगीत प्रदर्शन और कथा के रूप में अपना प्रदर्शन दिया ।


दास्तानगोई के बारे में बात करते हुए प्रबंध निदेशक डब्लूआईसी इंडिया सचिन उपाध्याय ने कहा , ष्दास्तानगोई एक फारसी शब्द है जिसका अर्थ है एक लंबी कहानी का वर्णन करने की कला। यह एक पुनर्निर्मित कला रूप है और उर्दू से हिंदी तक फैला है। पचास मिनट के लंबे प्रदर्शन ने सत्यजीत रे के मूल सार को ध्यान में रखते हुए ‘गूपी गयनी बाघा बयनि की कहानी को आकर्षक रूप दिया। इस अधिनियम में गायक गूपी और ड्रमर बयनि की कहानी का चित्रण किया गया। इस प्रस्तुति के दौरान युद्ध के राजाओं, दुष्ट मंत्री, सुंदर कोय राजकुमारियों, भयानक जादूगर और साहस और कुछ अन्य रोचक पात्र जीवंत में आए। दस्तंगोई के बीच दिए गए संगीत का भी श्रोताओं ने खासा लुत्फ उठाया। वेलेंटीना त्रिवेदी एक दस्तानगो होने के अलावा टीवी शो और फिल्मों की स्क्रिप्टुरिटेर और वृत्तचित्रों के निदेशक है। वह द दून स्कूल से पढ़ी हैं। अनुजा जैमन जो की एक अभिनेता हैं मूल रूप से देहरादून की हैं। वह थिएटर भी करती हैं और स्टोरी टेलर के रूप में भी मशहूर हैं।

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