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मृदा ही कृषि प्रणाली का मजबूत आधार

भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान में विश्व मृदा दिवस का आयोजन
कृषि मंत्री ने दिलाई मृदा बचाओ अभियान की शपथ
देहरादून। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के देहरादून स्थित भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान ने विश्व मृदा दिवस का आयोजन किया। इस मौके पर कृषि मंत्री सुबोध उनियाल, विधायक हरबंश कपूर, कृषि निदेशक गौरी शंकर, औद्यानिकी निदेशक आरसी श्रीवास्तव व मुख्य कृषि अधिकारी विजय देवरारी मुख्य तौर पर उपस्थित रहे। कार्यक्रम में संस्थान के वैज्ञानिकों, प्रशासनिक एवं तकनीकी अधिकारियों व कर्मचारियों सहित विभिन्न प्रदेशों से आये प्रशिक्षणार्थियों, सहसपुर ब्लाक के 53 किसानों तथा बाबा फरीद तकनीकी संस्थान एवं आईआईटी एग्रो इको के 114 छात्रों ने भी सहभागिता की।

मृदा दिवस कार्यक्रम मंे शिरकत करते कृषि मंत्री सुबोध उनियाल, विधायक हरबंश कपूर, कृषि निदेशक व अन्य अधिकारी

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने सभी प्रतिभागियो को मृदा बचाओ अभियान की शपथ दिलवायी। उन्होंने बताया कि प्रदेशभर में 7,65,410 मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किये गये है। उन्होंने किसानों से मृदा स्वास्थ्य कार्ड का उपयोग कर अधिक से अधिक लाभ लेने का अनुरोध किया। कृषि मंत्री ने किसानों की आय दोगुनी करने के लिए समेकित कृषि प्रणाली अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने संस्थान द्वारा हो रहे मृदा एवं जल संरक्षण हेतु कार्यो की सराहना की तथा वैज्ञानिकों से पर्वतीय क्षेत्रों में मृदा क्षरण के कारण हो रही मृदा अवनतिकरण को रोकने के लिए शोध कार्य करने का अनुरोध किया। संस्थान के कार्यवाहक निदेशक डा पीआर ओजस्वी ने देशभर में किये जा रहे ‘मृदा एवं जल संरक्षण‘ संबंधित कार्यो का संक्षिप्त में विवरण किया।


इस अवसर पर डा डी मंडल, नेशनल फैलो, भाकृअनुप ने विस्तार पूर्वक विश्व मृदा दिवस के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस बार विश्व मृदा दिवस का नारा है ‘मृदा प्रदुषण का हल‘। उन्होंने कहा कि मृदा अवनतिकरण को रोकने के लिए अथक प्रयास किये जाने चाहिए। डा0 डीवी सिंह, प्रधान वैज्ञानिक ने स्वस्थ मृदा स्वस्थ जीवन का आधार विषय पर अपने वक्तव्य में कहा कि मृदा ही कृषि प्रणाली का आधार है जो कि कृषि उत्पादकता एवं गुणवत्ता को निर्धारित करती है। कैंचीवाला गांव के किसान गुमान सिंह ने बताया कि उनके गाॅव में मृदा परीक्षण द्वारा ही मटर की खेती में आने वाले समस्याओं का निदान हो पाया। इस कार्यक्रम के अंतर्गत डा गोपाल कुमार, डा यूके मौर्या, डा एम शंकर एवं डा तृषा राय ने कृषि स्नातक छात्रों को संस्थान के संग्रहालय एवं प्रयोगशाला का भ्रमण कराया। डा डीवी सिंह, डा रमनजीत व विजय देवरारी ने किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड के उपयोग के बारे में जानकारी दी गयी। डा. एनके शर्मा, विभागाध्यक्ष, मृदा एवं सस्य विज्ञान विभाग ने सभी प्रतिभागियों को धन्यवाद ज्ञापित किया। डा0 डीवी सिंह के संयोजन में हुए इस कार्यक्रम का संचालन डा संगीता शर्मा ने किया।

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