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तिब्बत स्थित पवित्र कैलास पर्वत।

नैनीताल:यात्रा में जाने वाला पहला जत्था कल पहुंचेगा

नैनीताल। हर वर्ष 12 जून से होने वाली सबसे लम्बी दूरी की धार्मिक कैलास मानसरोवर यात्रा की तैयारी दिल्ली व नैनीताल में पूरी कर ली गई है। कैलास मानसरोवर यात्रा का पहला जत्था मंगलवार को सुबह काठगोदाम पहुंचेगा। पहले जत्थे में कितने यात्री होंगे इसकी सूची सांयकाल को विदेश मंत्रालय द्वारा जारी की जायेगी। काठगोदाम पहुंचने पर दल का स्वागत निगम की महिला कर्मी कुमाऊंनी परिधान में करेंगी। इसके बाद दल अल्मोड़ा के लिए रवाना हो जायेगा।
कुमाऊं मंडल विकास प्राधिकरण के महाप्रबंधक त्रिलोक सिंह मर्तोलिया ने बताया कि विदेश मंत्रालय ने कुमाऊं के लिपूलेख दर्रे के लिए 1080 व सिक्किम के नाथूला दर्रें से 500 यात्रियों को कैलास मानसरोवर यात्रा के लिए भेजने के लिए चयन किया गया है। देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचने वाले इन यात्रियों का दिल्ली हार्ट इंस्टीट्यूट में नौ जून को स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इसके बाद यात्री बीजा, पासपोर्ट आदि की औपचारिकता पूरी कर आज दिल्ली से बसों द्वारा पहला जत्था काठगोदाम के लिए रवाना होगा। 12 जून को दल काठगोदाम से अल्मोड़ा के लिए रवाना होगा। रात्रि विश्राम अल्मोड़ा में ही करेगा। 13 जून को आगे की यात्रा के लिए रवाना होगा। पिथौरागढ़ गुंजी पड़ाव में यात्रियों का अंतिम स्वास्थ्य परीक्षण होगा। यहां असफल होने वाले यात्रियों को यात्रा में नही जाने दिया जायेगा। इस तरह लिपूलेख दर्रे से चार-चार दिन के अंतराल में 60-60 यात्रियों के 18 दल यात्रा के लिए भेजे जायेंगे। इस बार कुल 18 यात्री दल यात्रा में भेजे जाने है। मालूम हो कि विदेश मंत्रालय द्वारा कैलास मानसरोवर यात्रा वर्ष 1980 से लिपूपास दर्रे से करवाई जाती है इसका संचालन कुमांऊ मंडल विकास निगम करता है। धार्मिक महत्व की यह कठिन पैदल यात्रा मानी जाती है पिथौरागढ जनपद के नारायण आश्रम से यह यात्रा पैदल आरम्भ होती है यात्रा मार्ग में गब्र्यांग व गुुंजी में 20 किमी मोटर मार्ग भी है लेकिन वाहन नही होने से स्थानीय लोग व यात्री इसका लाभ नही उठा पाते है। इस बार नजंग व लखनपुर में भारी भूस्खलन होने से यात्रा के लिए विकल्प खोजे जा रहे हैं। हांलाकि बंद मार्ग 12 जून से पहले खोले जाने की पूरी उम्मीद यात्रा संचालकों ने जाहिर की है। निगम के महा प्रबंधक टीएस मर्तोलिया ने आशा जताई कि यात्रा शुरू होने से पहले मार्ग खोल दिया जायेगा। मार्ग खोलने के लिए पिथौरागढ़ जिला प्रशासन, लोनिवि व आईटीबीपी के लोग लगे है। यदि नजंग व लखनपुर में मार्ग नहीं खुला तो सेना के हैलीकाफ्टरों की मदद ली जायेगी। इससे यात्रियों को पिथौरागढ़ से सीधे गुंजी पहुंचाया जायेगा।

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