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जिंदगी की जंग हारा हल्द्वानी का प्रकाश पांडेय, छह जनवरी को भाजपा मुख्यालय में खाया था जहर

देहरादून। हल्द्वानी का कारोबारी प्रकाश पांडेय आखिरकार जिंदगी की जंग हार गया। मंगलवार को राजधानी के मैक्स अस्पताल में प्रकाश ने अंतिम सांस ली। शनिवार छह जनवरी को भाजपा प्रदेश मुख्यालय में चल रहे जनता दर्शन कार्यक्रम में जहर का सेवर करने के बाद से वह जीवन और मौत के बीच संघर्ष कर रहा था।
हल्द्वानी में ट्रांसपोर्ट के कारोबारी प्रकाश पांडेय भाजपा प्रदेश दफ्तर में जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान जहर खाकर पहुंचा था। उसे दून अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन नाजुक हालत देखते हुए मैक्स अस्पताल रैफर कर दिया गया। मैक्स अस्पताल में प्रकाश पांडेय को डाक्टरों ने 72 घंटे के आब्जर्वेशन में वेंटीलेटर पर रखा हुआ था। पाचं डाक्टरों की टीम उसके उपचार में जुटी हुई थी। सरकार के स्तर से प्रकाश पांडेय का हरसंभव उपचार कराया जा रहा था। साथ ही जरूरत पडऩे पर सरकार प्रकाश पांडेय को प्रदेश से बाहर बड़े अस्पताल भेजने को भी तैयार थी। मगर, तमाम कोशिशों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। मंगलवार को को प्रकाश पांडे की मैक्स हॉस्पिटल में मौत हो गई। मैक्स अस्पताल में डाक्टरों के एक पैनल ने मृतक प्रकाश पांडे का पोस्टमार्टम किया। शाम उसका शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।

शनिवार को उठाया था घातक कदम
देहरादून। शनिवार को अन्य दिनों की भांति बीजेपी प्रदेश मुख्यालय में मंत्रियों का नियमित लगने वाला जनता दरबार कार्यक्रम चल रहा था। दोपहर करीब 1.35 बजे कृषि मंत्री सुबोध उनियाल का जनता दर्शन कार्यक्रम में जनसमस्याओं की सुनवाई कर रहे थे। वे सामान्य तौर पर समस्याएं सुन रहे थे कि इसी बीच काली और लाल रंग की हाफ जैकेट पहने फरियादी प्रकाश पांडेय बगैर नंबर के हाथ में शिकायती पत्र लेकर मंत्री के समक्ष पहुंच गया और रोने-बिलखने लगा। यह व्यक्ति रोते हुए कहने लगा कि मैं बर्बाद हो गया हूं। मंत्री उनियाल ने बाकी फरियादियों की बात छोड़ उससे पूछा कि किसने बर्बाद किया तो फरियादी ने कहा कि सरकार ने बर्बाद कर दिया। जीएसटी व नोटबंदी होने से मैं बर्बाद हो गया और मेरे जैसे कई लोग भी बर्बाद हो गए। ये सरकार किसी की नहीं सुन रही है। मैं आज मर रहा हूं। मंच पर बैठे भाजपा नेताओं ने कहा कि ये क्या बोल रहे हो तो उसने कहा कि मैंने जहर खा लिया और जेब से पुडय़िा निकाल मंत्री के सामने रख दी। पुडिय़ा देखते ही वहां मौजूद लोग भौचक्के रह गए थे। भाजपा नेता शादाब शम्स व अन्य ने उसे दून अस्पताल पहुंचाया था। जहर खाने वाले हल्द्वानी निवासी ट्रांसपोर्टर प्रकाश पांडे की हालत पहले दिन से ही नाजुक बनी हुई थी। उन्हें वेंटीलेटर पर रखा गया था।

हाल जानने सीएम भी पहुंचे थे मैक्स
देहरादून। घटना के बाद से ही प्रकाश पांडेय की हालत पर सत्ता पक्ष और विपक्ष ने बराबर नजर बनाए रखी थी। शनिवार को दून अस्पताल से मैक्स अस्पताल रैफर होते ही शाम को कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने अस्पताल पहुंचकर उसका हालचाल जाना। रविवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी मैक्स अस्पताल पहुंचे थे और उन्होंने डाक्टरों से सलाह-मशविरा कर प्रकाश पांडेय की स्थिति के बारे में जानकारी हासिल की। सोमवार को उनका हाल जानने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह के साथ कृषि मंत्री सुबोध उनियाल और विधायक खजान दास पहुंचे थे। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू भी इस मामले पर नजर रखे हुए थे। उन्होंने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट से इस मामले में जानकारी हासिल करने के साथ ही लगातार अपडेट लेते रहे।

घटना बेहद दुख : त्रिवेंद्र सिंह रावत
देहरादून। जिस समय कारोबारी प्रकाश पांडेय की मैक्स अस्पताल में मौत हुई, उस समय सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत भाजपा मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में मौजूद थे। जैसे ही उन्हें इस खबर की पुष्टि हुई उन्होंने कहा कि यह घटना बेहद दुखद है। प्रकाश पांडेय को आत्मघाती कदम क्यों उठाना पड़ा, इसकी जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि वह बाहर से जहर खाकर जनता दरबार में पहुंचे थे। कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने अपनी गाड़ी से उन्हें अस्पताल पहुंचवाया। सीएम ने कहा कि प्रकाश पांडेय को बचाने के सरकार ने हरसंभव प्रयास किए, लेकिन वह बच नहीं सके। सरकार उनके परिवार के साथ है और हरसंभव मदद करेगी। उन्होंने दिवंगत की आत्मा की शांति एवं दु:ख की इस घड़ी में उनके परिजनो को धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से कामना की है। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि इस प्रकार की दुर्भाग्यपूर्ण घटना की पुनरावृत्ति न हो।

यह मानवीय संवेदनाओं की मौत है : हरदा
देहरादून। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्रकाश पांडेय की मौत को दर्दनाक घटना और शर्मशार करने वाला वाकिया बताते हुए कहा कि यह एक मानवीय संवेदनाओं की मौत है। उन्होंने इस बार पर अफसोस जताया कि एक पीडि़त व्यक्ति सरकार के दरबार में जहर खा लेता है और उसकी पीड़ा को गंभीरता से नहीं लिया जाता है। षडयंत्र करार दिया जाता है। उन्होंने कहा कि लोगों को जरा-जरा सी बातों पर गुस्सा आ जाता है। प्रदेश में इतनी बड़ी घटना हो गई, लेकिन किसी को गुस्सा नहीं आया। उन्होंने सवाल उठया कि क्या आज की राजनीति का यही स्तर रह गया है, कोई मर रहा हो और हम उसका मजाक बनाएं।

कारोबार चौपट होने से था बेहद परेशान
देहरादून। प्रकाश पांडेय इससे पूर्व अपनी व्यथा के बारे में पीएमओए वित्तमंत्री अरुण जेटलीए भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के साथ ही चेन्नई की श्रीराम ट्रांसपोर्ट फाइनेंस कंपनी के एमडी को पांच जून को पत्र लिख चुका है, जिसमें उसने लिखा कि उसने कंपनी से तीन ट्रक फाइनेंस करवाए थे। जो उसने हल्द्वानी में गोला खनन और अन्य कामों में लगाए थे। वर्ष 2016 के बरसात, खनन पर रोक और नोटबंदी से कारोबार में भारी घाटा हुआ। जिस कारण वह अगस्त 2016 से ट्रकों की किश्त नहीं दे पा रहा। उसने अगस्त 2016 से मई 2017 ब्याज माफ करने और उस पर लगने वाला चक्रवृद्धि ब्याज रोकने की फरियाद की। उसने कंपनी से ट्रकों के इंश्योरेंस के कागज भी देने को कहा। प्रकाश पांडे के अनुसार पीएमओ ने अगस्त 2017 में उनकी शिकायत पर कार्रवाई के लिए राज्य सरकार को लिखा। इसकी कापी प्रकाश पांडेय को भी दी गई। पांडेय के अनुसार इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। ना ही कंपनी ने कोई मदद की। मुख्यमंत्री के नाम लिखी गई शिकायत में प्रकाश पांडे ने ये भी कहा कि वह पिछले छह माह से अपनी दो बच्चों की फीस के साथ ही बीमा की किश्त नहीं दे पा रहा है।

जहर खाने के बाद बयां की पीड़ा
देहरादून। प्रकाश पांडेय ने दून में जहर खाने के बाद एक व्हाट्सएप मैसेज के जरिये अपनी पीड़ा बयां की। सोशल मीडिया पर यह मैसेज शनिवार को ही वायरल हो गया था। इस व्हाट्सएप मैसेज में कार की अंदर बैठकर प्रकाश पांडेय ने अपनी परेशानियों, आर्थिक तंगी, सरकार सिस्टम की बेरुखी की पीड़ा बयां करते हुए जहर खाकर जीवन समाप्त करने की बात कही है। साथ ही अपनी इस बर्बादी के लिए सीधे तौर पर नोटबंदी और जीएसटी को जिम्मेदार उठराते हुए प्रदेश सरकार के कामकाज पर भी सवाल खड़े किए हैं।

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